नई दिल्ली(ईएमएस)। ब्रह्मांड के रहस्यों को टटोलने वाली इंसानी आंख यानी टेलीस्कोप्स पर मंडरा रहा 10 बिलियन डॉलर का खतरा टल गया है। दुनिया के सबसे साफ और शुष्क आसमान के रूप में मशहूर अटाकामा की पहाड़ियों पर अगर यह प्रोजेक्ट शुरू होता तो सितारों की रोशनी कृत्रिम चकाचौंध में खो जाती। वैज्ञानिकों ने इसे अंधेरे की जीत और विज्ञान की रक्षा करार दिया है। चिली के अटाकामा रेगिस्तान में प्रस्तावित एक विशाल मेगा-प्रोजेक्ट को खगोल वैज्ञानिकों के कड़े विरोध के बाद रद्द कर दिया गया है।यह मामला केवल एक फैक्ट्री का नहीं था बल्कि पृथ्वी से अंतरिक्ष को देखने वाली हमारी सबसे शक्तिशाली खिड़कियों को बचाने की जंग थी। पैरानल वेधशाला के करीब इस मेगा-प्लांट के आने से लाइट पॉल्यूशन (प्रकाश प्रदूषण) का ऐसा खतरा पैदा हो गया था जिससे दुनिया के सबसे महंगे टेलीस्कोप्स बेकार हो सकते थे। नोबेल पुरस्कार विजेताओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थाओं तक ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। वीरेंद्र/ईएमएस/11फरवरी2026