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11-Feb-2026
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- केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- वह पूरी तरह फिट हैं नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह लद्दाख के क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को रिहा नहीं कर सकती। वांगचुक को पिछले साल लेह में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। इस हिंसक प्रदर्शन में चार लोग मारे गए थे और 150 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे। भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच के सामने यह बात कही। यह बात सुप्रीम कोर्ट के पहले के सवाल के जवाब में कही गई थी। जिसमें अधिकारियों से वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए मेडिकल आधार पर उनकी रिहाई पर विचार करने को कहा गया था। एसजी मेहता ने कहा कि जेल मैनुअल के हिसाब से उनकी समय-समय पर करीब 24 बार जांच की गई है। वह पूरी तरह फिट हैं। उन्हें पाचन की समस्या थी, इन्फेक्शन था। मेहता ने कहा कि अगर हम (उन्हें रिहा करने के लिए) ऐसे अपवाद बनाना शुरू करते हैं, तो इसका कोई अच्छा नतीजा नहीं निकलेगा। जिन आधारों पर हिरासत का आदेश दिया गया था, वे जारी रहेंगे। सेहत के आधार पर उन्हें रिहा करना मुमकिन नहीं होगा। यह शायद ठीक भी न हो। चूंकि यह आपके आदेश पर आया है, इसलिए हमने इस पर बहुत विचार किया है। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो की अपने पति की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। केंद्र सरकार के तहत अधिकारियों द्वारा वांगचुक की हिरासत का बचाव करते हुए दलीलें दे रही हैं।