खेल
16-Feb-2026
...


नई दिल्ली (ईएमएस)। आईसीसी टी20 विश्वकप में जिम्बाब्वे ने जिस प्रकार से ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराया हैं। उससे भारतीय प्रशंसकों में उत्साह इै और उन्हें लग रहा है कि इस बार भी भारतीय टीम खितेगीजीतेगी। इस कारण एक अजब संयोग हैं जो जिम्बाब्वे की कंगारुओं के खिलाफ जीत से जुड़ा है । इतिहास में दो बार ऐसा हुआ जब ऑस्ट्रेलिया की टीम जिम्बाब्वे से हारी है तो उसका लाभ भारतीय टीम को मिला है। साल साल 1983 के एकदिवसीय विश्वकप जिम्बाब्वे की टीम ने 13 रन से ऑस्ट्रेलिया के हराया था। इसके बाद भारतीय टीम ने विस्ट इंडीज को हराकर पहली बार खिताब जीता था। वहीं साल 2007 के टी20 विश्व कप में जिम्बाब्वे ने 5 विकेट से ऑस्ट्रेलिया को हराया था। जब भी भारतीय टीम महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में जीती थी। वहीं इस बार भी जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराकर पहला उलटफेर किया है। जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया की पूरी बल्लेबाजी को सिर्फ 146 रन पर समेट दिया। इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए सुपर 8 में में पहुंचना तक कठिन हो गया है। वह ग्रुप बी की अंक तालिका में तीसरे स्थान पर खिसक गयी हैं। 19 साल बाद किसी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है।ऑस्ट्रेलिया की टीम को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था पर उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही और पहले पांच से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाज हावी हो गये। ब्लेसिंग मुजाराबानी ने जोश इंग्लिस को जल्दी आउट कर शुरुआत की, वहीं ब्रैड इवांस ने कैमरून ग्रीन और ट्रैविस हेड को पेवेलियन भेजा था। टिम डेविड भी बिना खाता खोले मुजाराबानी का शिकार बने, जिससे ऑस्ट्रेलिया का मध्यक्रम ध्वस्त हो गया। गिरजा/ईएमएस 16 फरवरी 2026