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16-Feb-2026
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याचिकाओं पर सात अप्रैल से आखिरी सुनवाई शुरू करेगी नई दिल्ली (ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा है कि 9 जजों की एक बेंच महिलाओं के साथ धार्मिक और धार्मिक स्थलों पर होने वाले भेदभाव से जुड़े याचिकाओं पर सात अप्रैल से आखिरी सुनवाई शुरू करेगी। इसमें केरल के सबरीमाला मंदिर पर आए फैसले की समीक्षा का मामला शामिल है। सीजेआई सूर्यकांत,जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की एक बेंच ने कहा कि इस मामले में भारत के चीफ जस्टिस 9 सदस्यीय संवैधानिक बेंच का गठन करने वाले है। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों से कहा है कि वे 14 मार्च या इसके पहले अपनी लिखित दलीलें दायर करें। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र की ओर से कहा कि हमारी ओर से सबरीमाला फैसले की समीक्षा के लिए दायर याचिका का समर्थन किया है। सबरीमाला पर सुनाए गए फैसले में केरल में पहाड़ी पर स्थित पवित्र मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को घुसने की अनुमति दी गई है। सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने सबरीमाला फैसले की समीक्षा का समर्थन करने वाले सभी पक्षों के लिए वकील कृष्णा कुमार सिंह को नोडल काउंसल बनाया है। वहीं इस फैसले की समीक्षा की मांग का विरोध करने वालों के लिए शाश्वती परी को नोडल काउंसल नियुक्त किया है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, हम यह भी उचित मानते हैं कि वरिष्ठ वकील के परमेश्वर के साथ शिवम सिंह को एमीकस नियुक्त किया जाए। सिंह सभी पक्षों की ओर से लिए गए स्टैंड इस कोर्ट के सामने पेश करेंगे। अदालत ने पार्टियों के वकीलों से कहा है कि टाइम शेड्यूल का पालन सुनिश्चित करवाएं। आदेश में कहा गया है, 7 अप्रैल,2026 को सुबह 10.30 बजे 9 जजों की बेंच सबरीमाला रिव्यू केस की सुनवाई शुरू करेगी। रिव्यू पिटीशनरों या उन्हें सपोर्ट करने वालों की सुनवाई 7 से 9 अप्रैल को होगी। फिर रिव्यू का विरोध करने वालों को 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक सुना जाएगा। आशीष दुबे / 16 फरवरी 2026