राष्ट्रीय
16-Feb-2026
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मुंबई,(ईएमएस)। महाराष्ट्र के मालेगांव से शुरू हुआ टीपू सुल्तान की तस्वीर का विवाद अब एक बड़े राजनीतिक टकराव में तब्दील हो चुका है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग के साथ-साथ सड़कों पर भी हिंसा देखने को मिल रही है। हाल ही में कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान का समर्थन करते हुए उन्हें एक महान समाज सुधारक करार दिया है। उदित राज का यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता हर्षवर्धन सपकाल द्वारा टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से किए जाने पर पहले ही राज्य का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। उदित राज ने अपने बयान में इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि टीपू सुल्तान ने दलितों और पिछड़ों के हक में बड़े सुधार किए थे। उन्होंने स्तन कर जैसी कुप्रथा का जिक्र करते हुए दावा किया कि टीपू सुल्तान ने शूद्र महिलाओं को अपना शरीर ढंकने का अधिकार दिलाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। उदित राज ने भाजपा और हिंदुत्ववादी संगठनों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो लोग दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के उत्थान की बात करते हैं, ये संगठन उनसे नफरत करते हैं। उन्होंने सावरकर और गोलवलकर जैसे विचारकों का नाम लेते हुए कहा कि इतिहास में दलितों से नफरत करने वाले लोगों को आज प्रमोट किया जा रहा है। इस विवाद की शुरुआत मालेगांव की उप-महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने से हुई थी। शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षदों ने नीलेश अहेर के नेतृत्व में इसका पुरजोर विरोध किया और तस्वीर हटाने की मांग की। इस दौरान उप-महापौर और पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें अहमद ने स्पष्ट कर दिया कि वे किसी भी कीमत पर तस्वीर नहीं हटाएंगी। विवाद ने तब और अधिक उग्र रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने टीपू सुल्तान को भूमिपुत्र बताते हुए उन्हें वीरता के पैमाने पर छत्रपति शिवाजी महाराज के समकक्ष खड़ा कर दिया। इस तुलना पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। फडणवीस ने इसे महाराष्ट्र के आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान और बेहद शर्मनाक कृत्य बताया। भाजपा ने सपकाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और उनके बयान की कड़ी निंदा की है।