क्षेत्रीय
16-Feb-2026
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51 पुनेरी ढोल-ताशों की गूंज, अघोरी नृत्य और पुष्पवर्षा के बीच उमड़ा श्रद्धालुओं का हूजूम एक दिवसीय मेला भी रहा आकर्षण का केंद्र सारंगपुर (ईएमएस)। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाए जाने वाले पावन महाशिवरात्रि पर्व पर इस वर्ष नगर में अभूतपूर्व उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। रविवार, 15 फरवरी को प्रातःकाल से ही नगर के समस्त शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। भगवान भोलेनाथ के जयघोष से संपूर्ण नगर शिवमय हो उठा। गांधी चौक से निकली भव्य शिव बारात समस्त शिव प्रेमियो के तत्वाधान मे गांधी चौक स्थित श्री वटकेश्वर महादेव मंदिर से सायंकाल भव्य शिव बारात निकाली गई, जिसने नगरवासियों का मन मोह लिया। भगवान भोलेनाथ आकर्षक पालकी में विराजित होकर नगर के प्रमुख मार्गों से निकले। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। बारात में शिवजी के गण, भूत-प्रेत और पिशाचों की वेशभूषा धारण किए कलाकार विशेष आकर्षण रहे। 51 पुनेरी ढोल-ताशों की गूंज से वातावरण गुंजायमान हो उठा। ढोल-नगाड़ों की थाप पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा नगर भक्तिरस में डूब गया। हाथी की अगुवाई, जीवंत झांकियां, अघोरी नृत्य और रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने बारात की भव्यता को और बढ़ा दिया। नगर के प्रमुख मार्गों पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए तथा अनेक स्थानो पर विभिन्न संगठनो तथा नागरिको द्वारा पुष्प वर्षा कर बारात का स्वागत किया गया। इस दौरान महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर आयोजन को उत्सवमय बना दिया। इस मौके पर राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने भगवान की पूजा अर्चना कर पालकी उठाकर चले देव कुआं में लगा एक दिवसीय मेला देव कुआं स्थित चिंतेश्वर महादेव मंदिर परिसर में एक दिवसीय मेला आयोजित किया गया। मेले में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ पारंपरिक दुकानों, खिलौनों, प्रसाद और झूलों की रौनक रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्सव का आनंद लिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देर शाम तक मेले मे उमडती रही। प्राचीन शिवालयों में विशेष पूजन-अर्चन नगर के अति प्राचीन शिवालय कपिलेश्वर महादेव मंदिर, तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर, मनकामनेश्वर महादेव मंदिर, नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर तथा ओंकारेश्वर महादेव मंदिर सहित अनेक शिवालयों में श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं जलाभिषेक किया। बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित कर शिव आराधना की गई। वही मंदिरों में भस्म आरती एवं रात्रि जागरण का आयोजन हुआ। कपिलेश्वर मंदिर के समीप स्थित कपिलेश्वर गौशाला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गौसेवा करते हुए गायों को चारा एवं खल खिलाया तथा शनि देव के दर्शन लाभ लिए। इस अवसर पर सभी शिवालयों पर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई। .../ 16 फरवरी /2026