ग्लास म्यूजियम और ऑडिटोरियम की गुणवत्ता पर विशेष जोर, कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश फिरोजाबाद(ईएमएस) आयुक्त आगरा मण्डल आगरा नगेन्द्र प्रताप ने कलेक्ट्रेट परिसर एवं निर्माणाधीन ग्लास म्यूजियम व ऑडिटोरियम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ग्लास म्यूजियम और ऑडिटोरियम का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने कहा कि ऑडिटोरियम की साउंड क्वालिटी उच्च स्तरीय होनी चाहिए, जिससे कार्यक्रमों के दौरान स्पष्टता बनी रहे। उन्होंने लाइटिंग व्यवस्था को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण लाइटिंग सिस्टम स्थापित किया जाए। उन्होंने रूफ ट्रस पर मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता की रूफ शीट लगाए जाने के निर्देश दिए और कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने को कहा। इसके पश्चात आयुक्त ने कलेक्ट्रेट के विभिन्न पटलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखागार, प्रशासनिक अधिकारी कक्ष, बंदोबस्त अधिकारी कक्ष, नजारत अनुभाग, चकबंदी एवं भूलेख विभाग का जायजा लिया और अभिलेखों के रख-रखाव तथा कार्य निष्पादन की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। सुरक्षा मानकों को लेकर आयुक्त ने परिसर में लगे अग्निशमन यंत्रों की एक्सपायरी तिथि की बारीकी से जांच की। उन्होंने निर्देशित किया कि अग्निशमन यंत्रों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा उन्हें संचालित करने में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिलाधिकारी रमेश रंजन की उपस्थिति में आयुक्त ने अपर जिलाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में न्यायालयों और कार्यालयों में लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यवाही को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और एक नोटिस देकर निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को प्रेरित करते हुए आयुक्त ने कहा कि निरंतर निरीक्षण समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने फील्ड विजिट और कार्यालयों के नियमित निरीक्षण पर विशेष बल दिया। मत्स्य पट्टों के आवंटन की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिया कि आवंटन केवल तालाबों पर ही नियमानुसार किया जाए, खेतों पर नहीं। इसके लिए स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। साथ ही राजस्व की लंबित ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण स्वयं अधिकारी देख कर सुनिश्चित करें तथा कार्यालयीन पत्रावलियों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि कर्मचारियों के देय, सेवा संबंधी और पेंशन से जुड़े प्रकरण लंबित न रहें तथा उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। राजस्व परिषद की लंबित ऑडिट आपत्तियों के त्वरित समाधान पर भी विशेष बल दिया गया। निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य, नगर आयुक्त, अपर आयुक्त आगरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। ईएमएस