अंतर्राष्ट्रीय
17-Feb-2026
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ढाका,(ईएमएस)। बांग्लादेश में पिछले कई महीनों से जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच एक बड़ा बदलाव हुआ है। देश में अंतरिम सरकार का शासन समाप्त हो गया है और मंगलवार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। सत्ता हस्तांतरण की इस प्रक्रिया से ठीक पहले अंतरिम सरकार के मुखिया रहे मुहम्मद यूनुस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, अपने विदाई भाषण में भी यूनुस ने अपनी भारत विरोधी मानसिकता और विवादास्पद कूटनीतिक दृष्टिकोण का परिचय दिया, जिसने एक बार फिर क्षेत्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। मुहम्मद यूनुस का कार्यकाल अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने में विफलता और भारत विरोधी बयानबाजी को बढ़ावा देने के लिए आलोचनाओं के घेरे में रहा। अपने इस्तीफे से पहले राष्ट्र के नाम दिए गए आखिरी संबोधन में उन्होंने रणनीतिक रूप से भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के लिए सेवन सिस्टर्स शब्द का इस्तेमाल किया, लेकिन जानबूझकर भारत का नाम लेने से परहेज किया। यूनुस ने एक उप-क्षेत्रीय आर्थिक ढांचे का प्रस्ताव रखा, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश के समुद्री मार्गों को नेपाल, भूटान और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (सेवन सिस्टर्स) से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का खुला समुद्र केवल एक भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार का द्वार है और इस पूरे क्षेत्र में अपार आर्थिक क्षमता है। जानकारों और खुफिया सूत्रों का मानना है कि यूनुस द्वारा भारत का नाम न लेकर केवल सेवन सिस्टर्स का जिक्र करना कोई आकस्मिक चूक नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीतिक संदेशिंग है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के अभिन्न अंगों को एक अलग भौगोलिक इकाई के रूप में प्रस्तुत करना अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों, चीन और पश्चिमी देशों को यह संकेत देने की कोशिश है कि यह क्षेत्र आर्थिक रूप से स्वतंत्र रूप से बातचीत करने योग्य इलाका है। यह पहली बार नहीं है जब यूनुस ने इस तरह का जहर उगला हो; इससे पहले अपनी चीन यात्रा के दौरान भी उन्होंने भारतीय पूर्वोत्तर राज्यों की समुद्र तक पहुंच न होने पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और खुद को इस क्षेत्र के समुद्र का संरक्षक बताया था। यूनुस के शासनकाल में उनका झुकाव स्पष्ट रूप से पाकिस्तान की ओर देखा गया, जिससे भारत के साथ बांग्लादेश के संबंधों में खटास आई। अब जबकि तारिक रहमान सत्ता की कमान संभालने जा रहे हैं, दक्षिण एशिया के रणनीतिकार इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि नई सरकार भारत के साथ अपने संबंधों को किस दिशा में ले जाती है। यूनुस द्वारा छोड़ा गया यह विवादित बयान आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव का कारण बन सकता है, क्योंकि इसे भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को चुनौती देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/17फरवरी2026 -----------------------------------