अंतर्राष्ट्रीय
18-Feb-2026


तेहरान (ईएमएस)। ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का जवाब देकर चौंकाने वाला खुलासा किया है, इसके बाद अमेरिका की बेइज्जती होना तय है। ईरान पर प्रेशर डालने के लिए ट्रंप ने अपने दो-दो बड़े युद्धपोत तैनात कर दिए। हाल ही में खामेनेई ने इन भार-भरकम युद्धपोतों को डुबाने की धमकी दे डाली है। खामेनेई को ये बयान महज एक कोरी धमकी नहीं है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने पिछले एक दशक में खाड़ी के संकरे रास्तों, खासकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में इसतरह के युद्ध को जीतने की रणनीति तैयार कर ली है। खामेनेई जिस हथियार की ओर इशारा कर रहे हैं वहां ईरान की ‘कैरियर किलर’ तकनीक है। ये ईरान की सबसे खतरनाक एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी रफ्तार ध्वनि की गति से भी तीन गुना ज्यादा है। यह मिसाइल समुद्र में चलते हुए किसी भी विशाल युद्धपोत या एयरक्राफ्ट कैरियर को सटीकता से निशाना बनाने में सक्षम है। इसकी मारक क्षमता रडार की पकड़ से बचाती है, जिससे अमेरिकी डिफेंस सिस्टम के लिए रोकना बेहद मुश्किल होता है। ईरान के पास दुनिया के सबसे तेज टॉरपीडो में से एक ‘हौत’ है। इसकी स्पीड लगभग 360 किमी प्रति घंटा है, जो पानी के नीचे चलने वाले किसी भी सामान्य टॉरपीडो से चार गुना अधिक है। ये सुपरकैविटेशन तकनीक पर काम करता है, जिसका मुकाबला करना फिलहाल किसी भी नौसेना के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा खामेनेई ने जिस खतरनाक रणनीति का जिक्र किया है, उसमें ईरान के शाहिद और अबाबिल जैसे आत्मघाती ड्रोन शामिल हैं। ईरान की रणनीति ये है कि वहां एक साथ सैकड़ों छोटे ड्रोन और तेज रफ्तार नौकाओं से अमेरिकी युद्धपोत पर हमला कर सकता है। एक विशाल जहाज के लिए एक साथ 100 दिशाओं से आने वाले छोटे हमलों को रोकना करीब नामुमकिन होगा। हाल ही में ईरान ने ‘फत्ताह’ नाम की हाइपरसोनिक मिसाइल का प्रदर्शन किया था। दावा किया जाता है कि यह मिसाइल दुनिया के किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम को भेद सकती है। आशीष दुबे / 18 फरवरी 2026