गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियलाइजेशन पर सरकार का फोकस , 10 लाख नए पीएम आवास; बच्चों को स्कूलों में मिलेगा दूध और 15 हजार शिक्षकों की भर्ती कोई नया टैक्स नहीं, 2 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य लाडली बहना योजना: 23,882 करोड़, सिंहस्थ 2028: 13,851 करोड़, स्वास्थ्य विभाग: 23,747करोड़, पंचायत एवं ग्रामीण विकास: 40,062करोड़, पीएम आवास योजना: 6,850करोड़, सडक़ मरम्मत: 12,690करोड़, किसान: 157000 करोड़ भोपाल (ईएमएस)। मप्र के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 का ये बजट 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का है। देवड़ा ने कहा कि ये बजट ग्यानी के स्वरूप में है। इसमें गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान), नारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियलाइजेशन पर फोकस है। इनके लिए 3 लाख करोड़ रुपए यानी कुल बजट के करीब 9 प्रतिशत हिस्से का प्रावधान किया गया है। देवड़ा ने कहा मप्र में यह पहला रोलिंग बजट है। 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए 3600 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। विधायक निधि नहीं बढ़ाने पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया। स्व-सहायता समूह, उज्ज्वला योजना समेत नारी कल्याण की विविध योजनाओं के लिए 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ के प्रावधान किए हैं। वर्किंग वूमन के लिए 5700 हॉस्टल बनाए जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40062 करोड़ रुपए की घोषणा की। लाड़ली बहनों के लिए 23,882 करोड़ के प्रावधान का ऐलान किया। युवाओं के लिए 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया। 8वीं तक के बच्चों को फ्री टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा की। प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगेगा। वित्तमंत्री ने विधानसभा में 438317 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने 106156 करोड़ रुपए से अधिक का पूंजीगत व्यय बताया। 44.42 करोड़ रुपये राजस्व आधिक्य। राज्य स्वयं के करों से 117667 करोड़ रुपए जुटाएगा। केंद्रीय करों के हिस्से में प्रदेश को 112137 करोड रुपए मिलेंगे। इसके साथ ही केंद्रीय सहायता अनुदान 54505 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि यह बजट पीएम के सपने को साकार करने वाला है। उन्होंने बजट भाषण की शुरुआत में ही कहा कि एमपी का बजट किसानों को समर्पित है। मध्य प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा और न ही वर्तमान में किसी टैक्स में कोई बढ़ोतरी की गई है। वित्त मंत्री देवड़ा ने जी राम जी के लिए 10428 करोड़ और पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ रुपए के प्रावधान का ऐलान किया। वहीं, 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा की। इसके अलावा श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। सडक़ों की मरम्मत के लिए 12690 करोड़, जल जीवन मिशन के लिए 4 हजार 454 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि ये पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। हर नारी को न्याय हमारी सरकार का उद्देश्य है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है। अर्थव्यवस्था मजबूत, घाटा भी नियंत्रण में सरकार ने दावा किया कि वर्ष 2011-12 से 2025-26 तक प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में औसतन 12.73 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई है। वर्ष 2025-26 के लिए जीएसडीपी का पुनरीक्षित अनुमान 16 लाख 69 हजार 750 करोड़ रुपए है। वहीं राजकोषीय घाटा 74 हजार 323 करोड़ रुपए यानी जीएसडीपी का 4.45 प्रतिशत अनुमानित है। हालांकि केंद्र से मिलने वाली विशेष सहायता राशि को अलग रखने पर यह 3 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के अनुरूप बताया गया है। इसे वित्तीय अनुशासन का संकेत माना जा रहा है। पिछले साल की तुलना में 11 प्रतिशत बढ़ा बजट वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में बजट का आकार 11 प्रतिशत बढ़ा है। राजस्व व्यय 3 लाख 8 हजार 659 करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय 80 हजार 266 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। सामाजिक और आर्थिक उत्थान की योजनाओं के लिए 1 लाख 83 हजार 708 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 26 प्रतिशत और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 17 प्रतिशत राशि सुरक्षित की गई है। पहली बार डिजिटल बजट पेश किया गया एमपी में पहली बार डिजिटल बजट पेश किया गया है। बजट में हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है। मध्य प्रदेश विकसित भारत बनाने में अपना योगदान दे रहा है। मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा- हर युवा को रोजगार और हर उपज को दाम उपलब्ध कराना हमारी सरकार का लक्ष्य है। वित्तमंत्री का भाषण शुरू होने से पहले ओमकार सिंह मरकाम ने विरोध भी जताया। शिक्षा के लिए 31953 करोड़ रुपए का प्रावधान 106156 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए रखे गए हैं। कृषि क्षेत्र के लिए 115013 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 24144 शिक्षा के लिए 31953 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। वन भूमि से अतिक्रमण हटाकर पौधारोपण के लिए समृद्धि वन वन वृद्धि से जन समृद्धि कृषि विभाग की योजना। उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 1000 करोड़ द्वारिका योजना के अंतर्गत आगामी 5 वर्ष में शहरी अधोसंरचना विकास पर किए जाएंगे। उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इंदौर पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर परियोजना के विकास के लिए 2360 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महाकौशल क्षेत्र में जबलपुर में 350 करोड़ की लागत में फ्लाई ओवर बनाए जाएंगे। किसानों को 25 हजार करोड़ का अल्पकालीन ऋण बजट में पशुपालन के लिए 2364 करोड़ का प्रावधान किया गया है। किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये का अल्पकालीन ऋण दिलाया जाएगा। बिना ब्याज का ऋण दिलाने के लिए 720 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि क्षेत्र के लिए 1.15 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। भावांतर योजना के तहत किसानों को 337 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। किसानों को एक लाख सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। 21630 करोड़ रुपये की मजरा टोला सडक़ योजना प्रस्तुत की गई। एमपी देश का तीसरा युवा प्रदेश, यहां 28 प्रतिशत युवा हैं। महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस आगामी बजट में महिला सशक्तिकरण की प्रमुख योजना लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश की करीब 1 करोड़ 25 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़ी हैं। उन्हें हर महीने 1500 रुपए मिलते रहेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि हर नारी को न्याय देना सरकार का मूल उद्देश्य है और यह बजट महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम है। गांव, किसान और युवा के बाद ज्ञानी पर फोकस देवड़ा ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40 हजार 62 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सडक़ों की मरम्मत के लिए 12 हजार 690 करोड़ रुपए और जल जीवन मिशन के लिए 4 हजार 454 करोड़ रुपए रखे गए हैं। सरकार ने 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने और 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया है। आठवीं तक के बच्चों को मुफ्त टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा भी की गई है। वहीं देवड़ा ने कहा कि इससे पहले सरकार गरीब, युवा, किसान महिला और (ज्ञान) के बाद सरकार अब आई यानि इंडस्ट्री और इंफ्रास्टक्चर को भी शामिल किया गया है। जिसे ज्ञान के बाद ज्ञानी के रुप में जाना जाएगा। 2 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य लगातार दूसरे वर्ष सरकार ने किसी नए कर या कर दर में वृद्धि का प्रस्ताव नहीं रखा है। वर्ष 2026-27 में कुल राजस्व प्राप्तियां 3 लाख 8 हजार 703 करोड़ रुपए अनुमानित है। राज्य करों से 1 लाख 17 हजार 667 करोड़ और केंद्रीय करों में हिस्सेदारी से 1 लाख 12 हजार 137 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। सरकार ने स्वयं के कर राजस्व में 17.64 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है। वहीं मोहन सरकार ने विकसित एमपी 2047 के विजन के तहत प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य दोहराया है। सरकार का दावा है कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और समावेशी मध्य प्रदेश की दिशा में ठोस कदम है। लाड़ली बहनों की बल्ले-बल्ले मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार की मास्टर स्ट्रोक लाड़ली बहना योजना पूरी रफ्तार से चलेगी। अभी लाड़ली बहनों को डेढ़ हजार रुपये प्रति माह मिल रहे हैं। सरकार की योजना इस राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर 3 हजार करने की है। बुधवार को सरकार द्वारा लाए गए मध्य प्रदेश के बजट 2026-27 बजट में इसकी झलक दिखती है। पूरा बजट नारी शक्ति को समर्पित है। लाड़ली बहना योजना के साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता पुख्ता करने का प्रयास बजट में दिखता है। महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों से जोडऩे के लिए विभिन्न प्रकार के फंड तय किए गए हैं। लाड़ली बहना योजना के लिए 23,800 करोड़ रुपए बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन मोहन यादव सरकार ने अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा कुल 4,38,317 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। बजट में जहां लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1801 करोड़ का प्रावधान है तो लाड़ली बहना योजना के लिए 23, 800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अभी महिलाओं को हर माह डेढ़ हजार की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार कई बार संकेत दे चुकी है कि इसे बढ़ाकर 3 हजार किया जाएगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी बजट पेश करते समय इसके संकेत दिए। महिलाओं को अभी तक 33 किश्तों में भुगतान लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कई बार सार्वजनिक मंच से ऐलान कर चुके हैं। योजना की शुरुआत 1,000 से हुई थी, जिसे पहले 1,250 और फिर 1,500 किया गया। यह राशि सीधे महिलाओं आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा की जाती है। बजट में बताया गया कि इस योजना में 1 करोड़ 25 लाख महिलाएं पंजीकृत हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में 23,882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक महिलाओं को 33 किश्तों का नियमित भुगतान किया जा चुका है। 1500 से बढक़र 2000 इसी साल होने की उम्मीद जानकारों का कहना है कि लाड़ली बहनों को अचानक 1500 से 3000 मिलना इस सत्र में मुश्किल लगता है। लेकिन ढाई से लेकर 500 रुपये की वृद्धि लाड़ली बहनों के लिए की जा सकती है। ऐसा हुआ तो इस सत्र में महिलाओं को 500 रुपये बढक़र यानी हर माह 2000 रुपये मिल सकते हैं। विधानसभा चुनाव के पहले ये राशि बढक़र 3000 की जाएगी, इसमें कोई संश्य नहीं है। बजट में नारी सशक्तिकरण पर फोकस मध्य प्रदेश सरकार के बजट नारी सशक्तिकरण पर फोकस है। लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए भारी भरकम रकम का प्रवाधान किया गया तो वहीं, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर कराने पर फोकस किया गया है। भविष्य में महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोडऩे की योजनाएं बजट में हैं। सरकार का दावा है कि लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभ मिल रहा है। अब तक 14 लाख 12 हजार बालिकाओं को छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। इस योजना के लिए 1800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा महिला और बाल विकास विभाग को सशक्त बनाने पर फोकस है। महिला युवा किसान और गरीब हमारी प्राथमिकता मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 का बजट पेश करते हुए किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 1 लाख सोलर पंप, श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़, 11,277 जनजातीय गांवों के विकास, ग्रामीण कनेक्टिविटी, छात्रवृत्ति योजनाओं और महिला कल्याण के लिए 1.27 लाख करोड़ से अधिक के प्रावधान की घोषणा की। बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण पर विशेष फोकस दिखाई दिया। किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे 3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है। देवड़ा ने कहा कि हमारा प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम और गेहूं तिलहन में द्वितीय स्थान रखता है। प्रदेश का संतरा, धनिया और लहसुन में भी अग्रणी है। खेतों में उत्पादन से विक्रय तक में किसानों को सहायता दी जा रही है। पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। 6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी। 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोडऩा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुलभ स्टेडियम बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है. कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है। महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को सौगात इस बजट में महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है। बजट में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान को मजबूत करने के लिए 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 6,700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में ‘सखी भवन’ का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास मिल सके। सरकार ने नारी कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि यह बजट महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4 हजार विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है। सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी बड़े स्तर पर बजट का प्रावधान किया गया है। पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ समुदायों के विकास के लिए 1,651 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए कनेक्टिविटी सुधार पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके तहत 21,630 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी गई है। सडक़ों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ फाइनेंस मिनिस्टर देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री माजरा टोला के तहत 20,900 किलोमीटर सडक़ बनाने का स्टेटस दिया गया है। सडक़ रिपेयर के लिए 12,690 करोड़ का प्रोविजन किया गया है। युवा परिवारों के मेट्रोपॉलिटन एरिया में बढ़ते माइग्रेशन के असर को कम करने के लिए संध्या छाया प्रोग्राम शुरू किया गया है। खेल के लिए 815 करोड़ रूपए का प्रावधान मंत्री देवड़ा ने कहा कि युवाओं की खेल योजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में चार स्टेडियमों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान वित्त मंत्री ने कहा कि 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ का प्रावधान देवड़ा ने कहा कि कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी इससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ वित्त मंत्री ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ मिल सके। वहीं, धर्म और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार ने 2 हजार 55 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है। पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए डिजिटल वर्किंग को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसके तहत अब तक 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी किए जा चुके हैं। साथ ही, पुलिसकर्मियों को डिजिटल सिस्टम से जोडऩे के लिए 25 हजार टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाई जा सकेगी। राज्य सरकार ने आगामी सिंहस्थ आयोजन की तैयारियों के लिए अब तक 13 हजार 851 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के बजट में सिंहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिससे अधोसंरचना, यातायात, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के अंतर्गत तलाक शुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का फैसला लिया गया है। सिंहस्थ महापर्व के लिए बड़ा ऐलान सरकार ने सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों को लेकर बड़ा एलान किया। बजट भाषण में कहा गया कि भारतीय संस्कृति और हिंदू आस्था के इस वैश्विक आध्यात्मिक आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार समयबद्ध कार्ययोजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन और अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बजट में बताया गया कि इंदौर-उज्जैन मार्ग के सिक्स लेन चौड़ीकरण के लिए 1 हजार 164 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत स्वीकृत की गई है। इसके अलावा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण के लिए 1 हजार 370 करोड़ रुपये तथा उज्जैन बायपास मार्ग के लिए 701 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं से सिंहस्थ के दौरान आवागमन को सुगम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सिंहस्थ से संबंधित कार्यों के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। सरकार ने कहा कि आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसके साथ ही नगरीय विकास को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2026-27 के लिए नगरीय विकास मद में 21 हजार 561 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिससे शहरों में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। - वित्तमंत्री की प्रमुख घोषणाएं मछली उत्पादन के लिए 412 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है मध्य प्रदेश में बायो गैस और पंचकर्म की सुविधा उपलब्ध होगी अल्पसंख्यक छात्रावासों को उन्नत बनाया जाएगा 15 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है छात्रवृत्ति के लिए 286 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया एमपी में आधुनिक पद्धति से संचालित की जाएंगी धरती आबा योजना के लिए 752 करोड़ रुपये का प्रावधान 294 सांदीपनी स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं 5700 वर्किंग वूमन हॉस्टल शहरों में बनाए जाएंगे पीएमश्री योजना के लिए 530 करोड़ रुपये लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1852 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है मध्य प्रदेश में 8वीं तक के बच्चों को स्कूल में दिया जाएगा टेट्रा पैक में दूध लाड़ली बहना योजना के लिए 23882 करोड़ रुपये का प्रावधान लाड़ली बहना योजना में कुल एक करोड़ 25 लाख महिलाएं शामिल हैं खेल और युवा कल्याण के लिए 815 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया लोक निर्माण के लिए 12690 करोड़ रुपये जल जीवन मिशन के लिए 4454 करोड़ रुपये 100 लाख हेक्टेयर का सिंचाई रकबा किया जाएगा पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1299 करोड़ रुपये सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5500 करोड़ रुपये एमपी को देश की मिल्क कैपिटल बनाना है लक्ष्य सडक़ों की मरम्मत के लिए 12960 करोड़ रुपये आयुष्मान योजना के लिए 2139 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया 4 हजार सरदार पटेल कोचिंग खोलने का लक्ष्य 16451 युवाओं को उद्यम क्रांति योजना के तहत लोन दिया जाएग 6 शहरों में 472 ई-बसें शुरू की गई हैं 5 करोड़ 88 लाख पौधे लगाएगी सरकार उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ के लिए 13851 करोड़ रुपये आने वाले पांच साल में 10 लाख नए पीएम आवास बनाएंगे नारी कल्याण योजनाओं के लिए 127555 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया भोपाल और इंदौर में शुरू हो चुकी है मेट्रो रेल सुविधा जीरामजी योजना के लिए 10440 करोड़ रुपये पीएम आवास योजना के लिए 6850 करोड़ रुपये स्वच्छ भारत मिशन के लिए 400 करोड़ रुपये पुलिस विभाग के लिए 14306 करोड़ रुपये का प्रावधान सीएम तीर्थ दर्शन योजना के लिए 50 करोड़ रुपये पीएम जनमन योजना के लिए 900 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश में कोई नया टैक्स लागू नहीं किया गया है 1 अप्रैल से तलाकशुदा बेटी को भी परिवार पेंशन दी जाएगी मध्य प्रदेश का राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत रहेगा एमबीबीएस के लिए 2850 नई सीटें बढ़ाई जाएंगी बजट में बुंदेलखंड इंडस्ट्रीयल पैकेज तैयार किया जाएगा विनोद, 18 फरवरी, 2026