-चीन का यह परमाणु विस्तार दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा नई दिल्ली,(ईएमएस)। चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की सेना न्यूक्लियर हथियारों के दम पर डराने के पैंतरे आजमा रही है। दुनिया की नजरों से छुपकर चीन के अंदर एक बहुत बड़ी साजिश चल रही थी, जिसका कच्चा चिट्ठा अब सैटेलाइट तस्वीरों ने खोल दिया है। इन तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि चीन भारत के अरुणाचल प्रदेश के बिल्कुल करीब परमाणु हथियारों का जाल बिछा रहा है। चीन की यह गुस्ताखी न सिर्फ भारत के लिए बल्कि पूरे एशिया की शांति के लिए खतरा बन सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश की सीमा से महज 800 किलोमीटर दूर चीन के सिचुआन प्रांत में परमाणु ताकत का विस्तार चल रहा है, जिसका पर्दाफाश सैटेलाइट तस्वीरों ने किया है। इन फोटोज में चीन का वह गुप्त साम्राज्य दिख रहा है जहां न केवल नए परमाणु हथियार बन रहे हैं बल्कि उन्हें और भी घातक बनाने के लिए परीक्षण किया जा रहा है, जहां रूस और अमेरिका के बीच परमाणु संधि खत्म हो चुकी है, दूसरी तरफ चीन का यह बेलगाम परमाणु विस्तार दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। सिचुआन की पहाड़ियों में छिपे ये ठिकाने सीधे तौर पर भारत के पूर्वी इलाकों के लिए रेड अलर्ट हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि सिचुआन की घाटियों में दो प्रमुख जगहों पर काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। जितोंग घाटी में नए बंकर और मजबूत पाइपलाइन नेटवर्क देखे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस जगह का उपयोग हाई एक्सप्लोसिव टेस्टिंग के लिए किया जा रहा है, जो परमाणु वारहेड को ट्रिगर करने के लिए जरूरी है। पिंगटोंग घाटी में प्लूटोनियम पिट्स का निर्माण किया जा रहा है, जो परमाणु बम का कोर होते हैं, यहां की सुरक्षा इतनी सख्त है कि यह किसी किले जैसी दिखती है। बता दें सिचुआन, अरुणाचल प्रदेश से भौगोलिक रूप से सिर्फ 800 किमी दूर है। चीन ने पहले ही अरुणाचल को अपना ‘कोर इंटरेस्ट’ घोषित कर दिया है। परमाणु शक्ति का विस्तार चीन को सीमा पर एडवांटेज देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अपने परमाणु जखीरे को इसलिए बढ़ा रहा है ताकि वह अमेरिका और भारत जैसे देशों को अपने परमाणु हथियारों की पोजीशन दिखाकर डराने की स्थिति में ला सके। 2026 की शुरुआत तक चीन के पास 600 से ज्यादा परमाणु वारहेड हो चुके हैं और 2030 तक यह संख्या 1,000 के पार जाने का अनुमान है। ये भारत के लिए खतरे की घंटी है। सिराज/ईएमएस 19 फरवरी 2026