राष्ट्रीय
21-Feb-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। लगातार कई दिनों तक गलत पोजीशन में बैठने से हड्डियों और मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे वे कमजोर होने लगती हैं और शरीर कई तरह की समस्याओं की चपेट में आ जाता है। इस समस्या से निपटने विशेषज्ञ कुछ मिनटों के लिए सरल धनुरासन का अभ्यास करने की सलाह देते हैं। यह आसन शरीर और मन दोनों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा भी योग के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ बढ़ाने के लिए सरल धनुरासन की उपयोगी जानकारी साझा की गई है। धनुरासन का यह सरल रूप शरीर को धनुष की तरह आकार देता है और शुरुआती स्तर पर योग करने वालों के लिए भी बेहद उपयुक्त माना जाता है। सरल धनुरासन न केवल रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है, बल्कि पाचन तंत्र को सक्रिय करने, मानसिक तनाव कम करने और संपूर्ण स्वास्थ्य सुधारने में मददगार होता है। नियमित अभ्यास से झुके हुए कंधे सीधे होने लगते हैं, पीठ दर्द और जकड़न में राहत मिलती है तथा शरीर की ऊर्जा बढ़ती है। यह आसन पेट के अंगों की प्राकृतिक मालिश करता है, जिससे कब्ज व अपच जैसी आम समस्याएं कम होती हैं। इसके साथ ही यह थायरॉइड और एड्रिनल ग्रंथियों को संतुलित करने में सहायक होता है। हार्मोनल असंतुलन में सुधार और मानसिक शांति प्रदान करना भी इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। योग विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना कुछ मिनट सरल धनुरासन करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है और मन अधिक स्थिर व शांत रहता है। इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेटकर शुरुआत की जाती है। माथा जमीन से सटा होना चाहिए और शरीर आरामदायक मुद्रा में। इसके बाद दोनों पैरों को मोड़कर हाथों से टखनों को पकड़ें। गहरी सांस लेते हुए सिर, छाती और घुटनों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और शरीर को धनुष जैसा आकार दें। इस स्थिति में 10 से 20 सेकंड तक या जितना सहज लगे उतनी देर रुककर सामान्य सांस लेते रहें। अंत में धीरे-धीरे शुरुआती स्थिति में लौट आएं। हालांकि, कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। गर्भवती महिलाओं, हाई ब्लड प्रेशर, हर्निया, हाल की सर्जरी या पीठ और गर्दन की गंभीर समस्या वाले लोगों को बिना विशेषज्ञ की सलाह के यह आसन नहीं करना चाहिए। शुरुआत कम समय और कम खिंचाव से करें और धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं। सुदामा/ईएमएस 21 फरवरी 2026