अंतर्राष्ट्रीय
21-Feb-2026
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बेरूत,(ईएमएस)। लेबनान एक बार फिर भीषण इजरायली हवाई हमलों की चपेट में है, जिससे पूरे क्षेत्र में असुरक्षा और तनाव का माहौल गहरा गया है। पूर्वी बेका घाटी में शुक्रवार को हुए ताजा हमलों में कम से कम 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 24 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इन घायलों में तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं। बेका घाटी के अलावा, सिडोन शहर के ऐन अल हिलवे फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप को भी निशाना बनाया गया, जहाँ दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इजरायली सेना ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए दावा किया है कि बेका घाटी में हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर और सिडोन में हमास के ठिकानों को लक्ष्य बनाया गया था। हालांकि, हमास ने इन दावों पर पलटवार करते हुए कहा है कि जिस इमारत पर हमला किया गया, वह कोई सैन्य कमांड सेंटर नहीं बल्कि विभिन्न फिलिस्तीनी गुटों की संयुक्त सुरक्षा टीम का एक साझा दफ्तर था। स्थानीय स्तर पर प्राप्त वीडियो फुटेज में भी तबाही के मंजर देखे जा सकते हैं, जहाँ रिहायशी इमारतों से आग की लपटें उठ रही हैं और राहत टीमें मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए कड़ा संघर्ष कर रही हैं। यह हिंसा ऐसे नाजुक समय में भड़की है जब मध्य पूर्व पहले से ही अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। अक्टूबर 2023 में गाजा में युद्ध छिड़ने के बाद से ही हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच सीमा पार से हमलों का सिलसिला जारी है। सितंबर 2024 में यह टकराव एक बड़े युद्ध में तब्दील हो गया था, जिसे बाद में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के जरिए संघर्ष विराम में बदला गया। इसके बावजूद, सीमा पर शांति स्थापित नहीं हो सकी है। इजरायल का आरोप है कि हिजबुल्लाह संघर्ष विराम की आड़ में अपनी सैन्य ताकत को पुनः संगठित करने का प्रयास कर रहा है, जिसे रोकने के लिए वह लगातार हमले कर रहा है। दूसरी ओर, गाजा पट्टी से आ रही रिपोर्टों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। सैन्य आकलनों के अनुसार, युद्ध की विभीषिका के बीच हमास एक बार फिर अपनी प्रशासनिक पकड़ मजबूत करता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि हमास ने गाजा के विभिन्न क्षेत्रों में अपने समर्थकों को महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर तैनात करना शुरू कर दिया है, जिसमें टैक्स वसूली और सरकारी वेतन वितरण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। हाल ही में पांच नए जिला गवर्नरों की नियुक्ति की बात भी सामने आई है, जिनका सीधा संबंध हमास की सशस्त्र शाखा से बताया जा रहा है। हमास की यह बढ़ती सक्रियता भविष्य की शांति योजनाओं और कूटनीतिक प्रयासों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। वीरेंद्र/ईएमएस/21फरवरी2026