छिंदवाड़ा (ईएमएस)। नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के एक मामले में सुश्री तृप्ति पांडे जेएमएफसी के न्यायालय ने आरोपी दुर्गेश पिता गलीराम उइके निवासी लोनिया करबल को २० साल के सश्रम कारावास और अर्थ दंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से एडीपीओ दिनेश उइके विवेचना थाना प्रभारी जीएस राजपूत के मार्गदर्शन में एसआई वर्षा सिंह द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि २५ जून २०२५ को पीड़िता के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मोहल्ले का दुर्गेश उइके ने उनकी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया, जहां उसने पीड़िता को डरा धमका कर उसके साथ ज्यादती की। घटना की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां न्यायालय ने विचारण पश्चात आरोपी दुर्गेश उइके को २० साल के कारावास से दंडित किया। साथ ही न्यायालय ने पीड़िता को दो लाख रूपए राहत प्रतिकर राशि प्रदान करने का निर्णय पारित किया। इस पूरे प्रकरण में देहात थाना के निरी जीएस राजपूत, एसआई वर्षा सिंह, एडीपीओ दिनेश उइके और महिला आर प्रमिला द्वारा सशक्त विवेचना की गई, जिससे चलते न्यायालय ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। ईएमएस/मोहने/ 21 फरवरी 2026