आयुक्त ने कराई जांच, १७ फाईलों में सामने आई गडबड़ियां छिंदवाड़ा (ईएमएस)। भवन अनुज्ञा लेने के लिए फर्जीवाड़ा करने वाले कंसलटेंट पर नगर निगम द्वारा एफआईआर दर्ज कराई जाएगी वहीं इन कंसलटेंट के पंजीयन भी नगर निगम द्वारा निरस्त किए जाएंगे। दरअसल कंसलटेंट कुंदन साहू, तुकेश विश्वकर्मा, अतुल सक्सेना एवं शैलेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा ऑनलाइन भवन अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए अवैध कॉलोनी में वैध कॉलोनी का खसरा लगाकर अनुमति ली गई है। जोकि नियमविरूद्ध है। गौरतलब है कि शासन द्वारा नगर निगम से कॉलोनी विकास अनुमति प्राप्त वैध कॉलोनियों में 2000 वर्गफीट तक के भूखंडों पर भवन निर्माण के लिए पंजीकृत कंसलटेंट के माध्यम से डीम्ड बिल्डिंग परमिशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कंसलटेंट ऑनलाइन आवेदन कर नक्सा खसरा लगाकर भवन निर्माण अनुमति प्राप्त कर सकता है। पिछले दिनों ऐसी शिकायते मिलने पर आयुक्त चन्द्र प्रकाश राय द्वारा मामले की जांच कराई गई थी। जांच में सामने आया कि १७ फाईलों में इस तरह की गडबड़िया पाई गई है। जहा कंसलटेंट द्वारा वैध कॉलोनी का खसरा लगाकर अवैध कॉलोनी में भवन बनाने की अनुमति प्राप्त की है। जांच में कुंदन साहू, तुकेश विश्वकर्मा, अतुल सक्सेना एवं शैलेन्द्र श्रीवास्तव का नाम सामने आया है। जिसके बाद आयुक्त ने उक्त कंसलटेंट पर एफआईआर कराने सहित पंजीयन निरस्त करने हेतु पत्र संचालनालय भेजा है। अनुमति के पहले ही हो गया था निर्माण जांच में यह तथ्य सामने आया है कि वैध कालोनियों के खसरों का उपयोग करते हुए ग्रीन लैंड पर स्थित भूखंडों तथा पूर्व से निर्मित भवनों को डीम्ड परमिशन के अंतर्गत वैध दर्शाया गया। जांच में कंसल्टेंट द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के मिलान में वास्तविक स्थिति और अभिलेखों के बीच स्पष्ट अंतर पाया गया। कई प्रकरणों में निर्माण कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका था, इसके बावजूद पूर्व अनुमति के बिना किए गए निर्माण को बाद में डीम्ड बिल्डिंग परमिशन प्रक्रिया में शामिल किया गया। ईएमएस/मोहने/ 21 फरवरी 2026