अंतर्राष्ट्रीय
22-Feb-2026
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-नए खोजे गए कच्चे तेल क्षेत्र में निवेश करने के लिए बड़ी कंपनियों की लग गई लाइन जॉर्ज टाउ,(ईएमएस)। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर अमेरिकी कार्रवाई से एक छोटे देश को बहुत फायदा हुआ है। मादुरो के सत्ता से हटने के बाद वेनेजुएला के पूरब में स्थित गुयाना देश की लॉटरी लग गई क्योंकि उसके नए खोजे गए कच्चे तेल क्षेत्र में निवेश करने के लिए बड़ी कंपनियों की लाइन लग गई है। अमेरिकी कंपनी ने एक दशक पहले गुयाना के स्टैब्रोक ब्लॉक समुद्री क्षेत्र में तेल के विशाल भंडार की खोज की थी। तेल की खोज से पहले गुयाना दक्षिण अमेरिका का एक बेहद ही गरीब देश था। 10 लाख से भी कम आबादी वाले गुयाना ने तेल बेचकर और रॉयल्टी से मिले पैसों से अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया और 2019 में यह दो अंकों वाली अर्थव्यवस्था के साथ एक आर्थिक ताकत बनकर उभरा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन सबके बीच गुयाना को वेनेजुएला से लगातार धमकियों और क्षेत्रीय विवाद का सामना करना पड़ा। गुयाना और वेनेजुएला के बीच एक सदी पुराना क्षेत्रीय विवाद चला आ रहा है। निकोलस मादुरो गुयाना के एसेक्विबो क्षेत्र पर कब्जा करने की धमकी देते रहे थे और उन्होंने इस क्षेत्र में सैन्य और नौसैनिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश की थी। ये सारी रुकावटें गुयाना को परेशान कर रही थीं। गुयाना के तट के पास जब अरबों बैरल तेल मिलने की खबर सामने आई तब एसेक्विबो पर मादुरो के दावे और तेज हो गए थे, लेकिन अब गुयाना के रास्ते का कांटा मादुरो अमरिकी हिरास में हैं। बता दें इस साल की शुरुआत में ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक सैन्य ऑपरेशन के जरिए मादुरो को अगवा करा लिया था। फिलहाल वह अमेरिका की जेल में हैं और उनके खिलाफ ड्रग्स और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले चल रहे हैं। मादुरो के जाने से गुयाना की सारी टेंशन ही खत्म हो गई है। एक्सॉन के सीईओ डैरेन वुड्स ने मादुरो के अगवा किए जाने के बाद कहा कि मादुरो के जाने से विवादित क्षेत्र में वेनेजुएला की नौसैनिक पेट्रोलिंग कम होगी और माहौल सही होगा। रिपोर्ट के मुताबिक वुड्स ने कहा कि कंपनी को अब अतिरिक्त क्षेत्रों में जाकर तेल खोजने का भी मौका मिलेगा। अमेरिकी कंपनी शेवरॉन भी अब गुयाना के तेल क्षेत्र का हिस्सा बन गई है। कंपनी ने पिछले साल एक्सॉन के साझेदार हेस कॉर्पोरेशन का अधिग्रहण पूरा कर लिया, जिसके पास स्टैब्रोक ब्लॉक में 30फीसदी हिस्सेदारी थी। बता दें गुयाना का समुद्री तेल क्षेत्र बहुत फायदेमंद संपत्ति माना जा रहा है जो साझेदार कंपनियों के लिए अरबों डॉलर का राजस्व दे सकता है। यहां तेल उत्पादन की लागत करीब 30 डॉलर प्रति बैरल आंकी गई है जो कि काफी कम है। इससे तेल उत्पादक कंपनियों को भारी फायदा होगा। पड़ोसी वेनेजुएला के साथ तनाव कम होने से गुयाना को भी फायदा होगा, क्योंकि विदेशी निवेशकों को अब गुयाना में निवेश को लेकर कम रिस्क उठाना पड़ेगा। सिराज/ईएमएस 22 फरवरी 2026