क्षेत्रीय
22-Feb-2026
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- हादसों से जाने वाली जानों की संख्या शून्य पर लाने के लिए फोकस भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के 6 जिलों में सागर का नाम भी शामिल है, जो देश के 100 सबसे ज्यादा सडक़ दुर्घटनाओं वाले शहरों/जिलों के रूप में बदनाम हैं। सागर उन शहरों में से एक है, जहां सबसे ज्यादा सडक़ दुर्घटनाओं के कारण मौतें होती हैं। यहां सडक़ों पर होने वाले हादसों से जाने वाली जानों की संख्या शून्य पर लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सागर में सडक़ सुरक्षा मित्र कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत सरकार द्वारा देश के 100 ऐसे जिलों का चयन किया गया है, जहां सबसे ज्यादा सडक़ दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें से मध्यप्रदेश के 6 जिले हैं, जहां सबसे ज्यादा सडक़ हादसे होते हैं। इन जिलों को जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम के लिए चिन्हित किया गया है। इसका उद्देश्य है कि इन जिलों में सडक़ दुर्घटना में होने वाली मौतों की संख्या 0 तक ले जाना। सबसे ज्यादा सडक़ दुर्घटनाओं वाले शहरों में एमपी के ये शहर अगर 2023 के आंकड़ों के लिहाज से देखें, तो मध्यप्रदेश के सागर, धार, सतना, रीवा, जबलपुर और खरगोन जिलों में सबसे ज्यादा सडक़ दुर्घटनाएं होती हैं और इन्हीं शहरों में जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम चलाकर सडक़ हादसों से होने वाली मौतों को शून्य के स्तर पर लाने का प्रयास किया जाएगा। इन 6 जिलों में घातक घातक सडक़ हादसे होते हैं, इसलिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करने के साथ रोड इंजीनियरिंग और आपातकालीन चिकित्सा सेवा को बेहतर बनाया जाएगा। जीरो फैटेलिटी प्रोग्राम में एमपी का सागर भी जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम के तहत इन 6 जिलों में से सागर एक ऐसा जिला है, जहां 246 सडक़ सुरक्षा मित्रों का चयन करके माय भारत पोर्टल पर रजिस्टर्ड किया गया है। ये सडक़ सुरक्षा मित्र उन इलाकों के हैं, जहां अधिक सडक़ हादसे होते हैं। इन्हें विशेष तौर पर सेव लाईफ फाउंडेशन के विशेषज्ञ राहवीर योजना, दुर्घटना के कानूनी पहलू और बेसिक ट्रामा लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण दे रहे हैं। विनोद / 22 फरवरी 26