बीजापुर (ईएमएस)। नक्सली प्रभाव की साए में करीब दो दशक तक रहे बस्तर अंचल के नेशनल पार्क इलाके में आज भी ऐतिहासिक अमूल्य धरोहरें उपेक्षा का दंश झेल रही हैं, वहीं पुरातत्व विभाग इससे बेखबर है । जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर स्थित केरपे ग्राम पंचायत के आश्रित दुडेपल्ली गांव के इर्द-गिर्द जंगल में तालाब किनारे भगवान शिव और हनुमान की आदम कद प्रतिमाएं बिखरी पड़ी हैं । जिसमें हनुमान की मूर्ति लगभग 8 फिट लंबी है । समय, उपेक्षा और असुरक्षा के कारण ये दुर्लभ मूर्तियां खंडित हो चुकी है । उनके अलावा भोपालपटनम विकासखंड के उस्कालेड ग्राम पंचायत के स्कूल पारा में खुले आसमान के नीचे पड़े भगवान कृष्ण, माता सरस्वती, लक्ष्मी के अलावा अन्य मूर्तियां खुले आसमान के नीचे पड़े हैं । इसे लेकर कई बार समाचार के मध्यम से पुरातत्व विभाग और जिला प्रशासन के संज्ञान में पहुंचाया गया । लेकिन उन मूर्तियों को सहेजने के लिए किसी के पास फुर्सत नहीं है। स्थानिय ग्रामीण नगरू ने बताया कि खुले आसमान के नीचे क्षत-विक्षत पड़े मूर्तियों की पूजा पाठ साल में एक बार होली के दिन करते हैं। उसके पश्चात साल भर तक उनका कोई पूछ-परख नहीं होता है। सुधीर जैन /चंद्राकर/22 फरवरी 2026