राष्ट्रीय
22-Feb-2026


वाराणसी,(ईएमएस)। प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत के आदेश पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अखिल भारतीय संत समिति ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। संत समिति के महामंत्री जितेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि अब मामले में “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। यह कार्रवाई आशुतोष महाराज की शिकायत के आधार पर हुई, जो स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य बताए जाते हैं। अदालत ने सुनवाई के बाद अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। पुलिस ने आदेश मिलते ही संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अदालत में कथित पीड़ित दो नाबालिग बच्चों के बयान भी दर्ज किए गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना जितेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए न्यायालय का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को राज्य सरकार से जुड़े किसी विवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और पीड़ितों के बयान दर्ज करने के बाद ही प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे मुकदमा चलेगा और सच्चाई सामने आएगी। संत समिति ने न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए निष्पक्ष जांच की अपेक्षा जताई है। हिदायत/ईएमएस 22फरवरी26