क्षेत्रीय
22-Feb-2026
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- रोज हो रहे झगड़े: पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शर्मा नर्मदापुरम(ईएमएम)। नर्मदापुरम संभाग का जिला मुख्यालय जहां भाजपा के दो दिग्गज सांसद सहित विधायकों और प्रदेश स्तर के पार्टी पदाधिकारियो के होने के बाद जिनके केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक सीधे संपर्क होने के बावजूद कमिश्नरी मुख्यालय की यातायात व्यवस्था में कोई सुधार न होकर अत्यंत भयावह हो रही है। प्रशासन के जवाबदार अधिकारियों की बैठकों के बावजूद भी नगर की यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। वहीं जनहितैषी मुद्दों को लेकर हमेशा पत्रों के माध्यम से जिला प्रशासन सहित जवाबदारों को उनकी जवाबदेही बताने वाले जागरूक और जुझारू पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पंडित भवानी शंकर शर्मा ने अब नर्मदापुरम कलेक्टर को पत्र लिखकर हलचल मचा दी है। श्री शर्मा ने कलेक्टर को पत्र लिखकर नर्मदापुरम शहर की प्रशासनिक, न्यायिक एवं यातायात आदि की उचित व्यवस्था करने का आग्रह किया है। श्री शर्मा ने लिखा कि मैं 28 जनवरी को भी पत्र लिखा था परंतु उसे कोई संज्ञान नहीं लिया गया और ना ही मेरी अपील पर सुनवाई की तारीख तय की गई। यह खुलेआम न्यायिक व्यवस्था को अस्त व्यस्त करना है। एसडीएम के आदेश के विरुद्ध अपील पर तारीख देने के बदले उसे दबाना अवैधानिक है,यह जिले के मुखिया का कर्तव्य नहीं है। शहर की यातायात व्यवस्था अत्यंत भयावह है, जिसके कारण रोज झगड़ा हो रहे हैं। सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों पर तो कार्रवाई हो ही सकती है। सब्जी की दुकान तथा हाथठेले हट ही सकते हैं। सड़क पर पैदल चलना भी दुष्कर है, यातायात पुलिस कुछ कर नहीं पा रही है। नगर पालिका प्रतिनिधि का कहना है कि प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा है। शहर में अराजकता का माहौल है। अखबार में प्रतिदिन खबर फोटो सहित आती है कि आपके द्वारा प्रत्येक जरूरी कार्य के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन निर्देशों पर कार्रवाई हो रही है या नहीं यह देखने का कष्ट करें। आग्रह है कि कुछ समय मुकदमे सुनने और जनहित के कार्य तथा नगर की सुचारू व्यवस्था हेतु प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट का समय दे दिया जाए तो जनता की छोटी-मोटी समस्याओं का निराकरण हो सकेगा। फिलहाल पत्र लिखे जाने के बाद से पिछले दो दिनों से नगर पालिका प्रशासन द्वारा सबसे व्यस्ततम सतरास्ता क्षेत्र से सब्जी फल ठेले हटाए गए हैं। पर सूत्रों की माने तो कुछ नेतागिरी करने वाले किसी चरखी की दुकान सहित फल सब्जी की दुकानों को हटाने पर आपत्ति भी दर्ज कर रहे हैं। जो खास नगर पालिका में चर्चा का विषय भी बना हुआ है। राजीव अग्रवाल / 22 फरवरी 26