व्यापार
23-Feb-2026


- अंबानी ने कहा, कार्रवाई में प्राकृतिक न्याय का पालन नहीं हुआ मुंबई (ईएमएस)। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को उद्योगपति अनिल अंबानी\ को मिली अंतरिम राहत रद्द कर दी। यह राहत पहले सिंगल बेंच ने दी थी, जिससे तीन बैंकों और एक ऑडिट फर्म को उनके खिलाफ फ्रॉड की कार्रवाई रोकने का अधिकार मिला था। खंडपीठ ने कहा कि यदि आदेश प्रथम दृष्टया गलत पाया जाए, तो उसे जारी रखना उचित नहीं होगा। अदालत ने अंबानी की ओर से चार हफ्ते की रोक लगाने की मांग भी खारिज कर दी। यह विवाद उन कारण बताओ नोटिस से जुड़ा है जो स्टेट बैंक आफ इं‎डिया समेत बैंकों ने जारी किए थे। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर खातों को फ्रॉड घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। अंबानी ने इसे चुनौती देते हुए कहा कि कार्रवाई में प्राकृतिक न्याय का पालन नहीं हुआ। ‎रिजर्व बैंक आफ इं‎डिया ने 2024 में अपने मास्टर सर्कुलर में स्पष्ट किया कि किसी खाते को फ्रॉड घोषित करने से पहले संबंधित पक्ष को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है। बैंकों और ऑडिट फर्म की दलील थी कि ऑडिट पूरी प्रक्रिया और नियमों के अनुसार हुआ और इसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। अंबानी ने कहा कि ऑडिट फर्म बीडीओ इं‎डिया एलएलपी मानकों के अनुरूप नहीं थी और समूह की कंपनियों के बीच हुए लेन-देन को गलत तरीके से ‘फंड डायवर्जन’ बताया गया। अब हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सिंगल बेंच के फैसले को पलटते हुए बैंकों को आगे की कार्रवाई की अनुमति दे दी है। इससे केस में कानूनी लड़ाई तेज होने की संभावना है। सतीश मोरे/23फरवरी ---