- निवेशकों के डूबे 14,000 करोड़, बैंक का मार्केट कैप घटकर 57,485.60 करोड़ रह गया मुंबई (ईएमएस)। चंडीगढ़ स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की एक शाखा में लगभग 590 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी सामने आई है। बैंक के अनुसार शाखा के कुछ कर्मचारी हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में बिना अनुमति के लेनदेन कर रहे थे, जिससे जमा राशि में बड़ा अंतर उत्पन्न हुआ। यह राशि बैंक की तिमाही कमाई से भी अधिक बताई जा रही है। इस घटना से बैंक के शेयरों और निवेशकों को बड़ा झटका लगा। सोमवार को एनएसई पर शेयर 20 फीसदी तक गिरकर 67 रुपए के लोअर सर्किट पर पहुंच गए। बैंक का मार्केट कैप 71,854.85 करोड़ से घटकर 57,485.60 करोड़ रुपए रह गया, यानी एक ही दिन में लगभग 14,369 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। यह मार्च 2020 के बाद बैंक के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। धोखाधड़ी तब उजागर हुई जब हरियाणा सरकार ने अपने खातों को बंद कर राशि अन्य बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। मिलान प्रक्रिया के दौरान बैंक रिकॉर्ड और सरकारी विभागों द्वारा बताई गई राशि में अंतर पाया गया। 18 फरवरी 2026 के बाद अन्य सरकारी संस्थानों से संपर्क करने पर और विसंगतियां सामने आईं। बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और एक स्वतंत्र बाहरी एजेंसी से फोरेंसिक ऑडिट शुरू किया। दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक, दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। संदिग्ध खातों में जमा रकम पर रोक लगाने के लिए संबंधित बैंकों से संपर्क किया गया। बैंक का कहना है कि मामला केवल चंडीगढ़ शाखा और कुछ सरकारी खातों तक सीमित है, अन्य ग्राहकों पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ा। निवेशक अब जांच की प्रगति और बैंक की अगली रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सतीश मोरे/23फरवरी ---