बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर सीमांचल के सात जिलों को लेकर होगी बड़ी बैठक नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 से 27 फरवरी तक बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे है। जिसमें वे विशेष रूप से जनसांख्यिकीय परिवर्तन, घुसपैठ और अवैध धार्मिक निर्माण जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने वाले है। यह बिहार में इस तरह की पहली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक होगी, जिसमें बिहार के सीमांचल के सात जिलों किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और सुपौल के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक होगी। दरअसल बिहार के ये सभी जिले भारत-नेपाल और भारत-बांग्लादेश सीमाओं के निकट स्थित होने के कारण लंबे समय से सुरक्षा और आवाजाही की दृष्टि से संवेदनशील रहे हैं। केंद्रीय मंत्री शाह की इस हाईलेंवल बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की प्रस्तुतियों के साथ खुफिया आकलन पर चर्चा होगी। मुख्य विषयों में जनसांख्यिकीय परिवर्तनों, अवैध घुसपैठ की घटनाओं और कथित अनधिकृत धार्मिक निर्माणों की समीक्षा शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री शाह प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने और सुरक्षा कमियों को दूर करने के उपायों पर विशेष जोर देने वाले है। यह पहल सीमांचल क्षेत्र पर केंद्र के बढ़ते ध्यान को दर्शाती है, जहां अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की निकटता और जटिल सामाजिक-आर्थिक स्थिति के कारण सुरक्षा और राजनीतिक चर्चाएँ लगातार रहती हैं। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री शाह बिहार में व्यापक सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा के लिए भी कई बैठकें करने वाले है। इसमें सीमा प्रबंधन, खुफिया समन्वय, पुलिसिंग रणनीतियाँ और चरमपंथ या संगठित अपराध के खिलाफ तैयारियों पर चर्चा शामिल होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जैसे केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, बैठक में शामि रहने वाले है। बात दें कि सीमांचल क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से उच्च जनसंख्या घनत्व, प्रवासन दबाव और सीमित बुनियादी ढांचे जैसी विकास चुनौतियों का सामना करता रहा है। हाल के वर्षों में घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलावों को लेकर उठी चिंताओं ने राजनीतिक बहस और प्रशासनिक जांच को भी बढ़ावा दिया है। कुल मिलाकर यह दौरा सीमांचल में सुरक्षा, प्रशासनिक समन्वय और आंतरिक सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आशीष दुबे / 24 फरवरी 2026