शिवसेना शिंदे गुट के लिए एक सीट सुरक्षित मुंबई (ईएमएस)। महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले महाराष्ट्र में सियासत में हलचल तेज हो गई है। महायुति की सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने इस लेकर अपने उम्मीदवार पर बड़ा फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार, सोमवार की रात प्रफुल्ल पटेल के आवास पर पार्टी की कोर कमेटी की हुई बैठक में पार्थ पवार को राज्यसभा चुनाव में उतरने पर सहमति बनी है। बैठक में प्रफुल्ल पटेल के अलावा उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। 26 फरवरी को होने वाली बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर मुहर लग सकती है, जहां सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। पार्टी इस बार राज्यसभा की चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इसमें रामदास अठावले का नाम करीब तय है, जबकि विनोद तावड़े, विजया रहाटकर और धैर्यशील पाटिल के नामों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। बात दें कि महाराष्ट्र में इस बार राज्यसभा की 7 सीटें खाली हैं और 286 विधायकों के आधार पर एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी। आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पास स्पष्ट बढ़त है। सिर्फ बीजेपी के पास एक निर्दलीय को मिलाकर कुल (131+1) यानी 132 विधायकों का समर्थन है, इस संख्याबल के दम पर 3 से 4 सांसद आसानी से भेज सकती है। वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) अपने 58 विधायकों के साथ एक सीट सुरक्षित कर सकती है, जबकि एनसीपी (अजित पवार गुट) भी एक सीट जीतने की स्थिति में है, क्योंकि अजित पवार की मौत के बाद उसके पास 40 विधायक हैं। इसके मुकाबले महाविकास अघाड़ी (एमवीए), जिसमें कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट) और शिवसेना (ठाकरे गुट) शामिल हैं, के पास कुल मिलाकर करीब 49 विधायकों का समर्थन है। इस संख्या के आधार पर एमवीए केवल एक सीट ही सुरक्षित कर सकती है। राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से महायुति गठबंधन 6 सीटों पर मजबूत दिख रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन को सीमित सफलता मिलने की संभावना है। आशीष दुबे / 24 फरवरी 2026