क्षेत्रीय
24-Feb-2026
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- नामांतरण-बंटवारा सहित सभी लंबित प्रकरण समयसीमा में निराकृत करें मुरैना ( ईएमएस ) | कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने निर्देश दिए हैं कि सभी राजस्व अधिकारी नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, पीएम किसान, लोक सेवा गारंटी तथा टीएल मार्क आवेदनों सहित लंबित राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण 31 मार्च 2026 तक सुनिश्चित करें।वे मंगलवार को आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। बैठक में अपर कलेक्टर अश्विनी कुमार रावत, एसडीएम अंबाह, मुरैना, जौरा, सबलगढ़ सहित समस्त तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री जांगिड़ ने कहा कि लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति के आधार पर ही अधिकारियों की सीआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किसी एक योजना पर नहीं, बल्कि सभी कार्यों में संतुलित प्रगति दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में पर्याप्त समय दें तथा राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों और लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाएँ। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि नामांतरण प्रकरणों का निराकरण कम से कम 95 प्रतिशत तथा बंटवारा प्रकरणों का निराकरण 90 प्रतिशत तक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य को तेजी से किया जाए। उपार्जन एवं भावांतर योजनाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की कृषि उपज मंडियों का नियमित निरीक्षण करें तथा आगामी उपार्जन सीजन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएँ अभी से सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गेहूं, सरसों, चना एवं मसूर के पंजीयन का कार्य जारी है, जिसके बाद सत्यापन की जिम्मेदारी राजस्व अधिकारियों की होगी। उन्होंने निर्देशित किया कि सत्यापन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि किसान द्वारा कराए गए पंजीयन के अनुरूप भूमि एवं फसल का मिलान हो। साथ ही खरीदी केंद्रों पर किसानों द्वारा लाई गई उपज की वीडियोग्राफी कराई जाए तथा छाया, पेयजल, स्टाफ एवं नेटवर्क जैसी मूलभूत व्यवस्थाएँ उपलब्ध रहें। अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने आरसीएमएस, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती, साइबर तहसील, पीएम किसान एवं सीएम किसान योजनाएँ, फार्मर रजिस्ट्री, खसरा ई-केवाईसी, स्वामित्व योजना, मजरा-टोला से ग्राम निर्माण, नजूल भूमि आवंटन, व्यपवर्तन, डेटा परिमार्जन, लोक परिसंपत्ति पोर्टल, सीएम हेल्पलाइन, राजस्व वसूली, हिट-एंड-रन प्रकरण, बैंक आरआरसी वसूली, सीएम मॉनिट, न्यायालयीन प्रकरणों सहित अन्य बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की।