:: आरबीआई से मिला एनबीएफसी लाइसेंस; भारती एयरटेल 70% और भारती एंटरप्राइजेज 30% पूंजी के साथ ऋण बाजार में उतरेंगे :: नई दिल्ली (ईएमएस)। देश की प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी भारती एयरटेल ने अपनी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) इकाई एयरटेल मनी लिमिटेड के माध्यम से भारत के डिजिटल वित्तीय बाजार में एक ऐतिहासिक निवेश की घोषणा की है। कंपनी अगले कुछ वर्षों में इस इकाई को 20,000 करोड़ रुपये की विशाल पूंजी से सशक्त करेगी। इस निवेश में भारती एयरटेल 70 प्रतिशत और प्रमोटर समूह की कंपनी भारती एंटरप्राइजेज लिमिटेड 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी निभाएगी। यह कदम एयरटेल को भारत के सबसे बड़े और भरोसेमंद डिजिटल वित्तीय प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। एयरटेल ने पिछले दो वर्षों में अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और एकीकृत चैनलों के माध्यम से एक उच्च क्षमता वाला क्रेडिट इंजन विकसित किया है। कंपनी के पास 500 से अधिक डेटा वैज्ञानिकों द्वारा संचालित एक व्यापक डेटा एनालिटिक्स इंजन है, जो ऋण वितरण की प्रक्रिया को आसान, सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगा। वर्तमान में एयरटेल का लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (एसएसपी) मॉडल पहले ही 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित कर चुका है। सख्त जोखिम निगरानी और रियल-टाइम डेटा प्रबंधन के कारण कंपनी का एनपीए (लोन न चुकाने की दर) उद्योग के न्यूनतम मानकों पर नियंत्रित रहा है। भारती एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने इस रणनीतिक विस्तार पर कहा कि एलएसपी प्लेटफॉर्म की सफलता इस बात का प्रमाण है कि एयरटेल तकनीक और डेटा के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डालने में सक्षम है। एयरटेल मनी लिमिटेड को 13 फरवरी, 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से आधिकारिक रूप से एनबीएफसी लाइसेंस प्राप्त हुआ है। विट्टल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह विस्तार भविष्य के लिए तैयार एक ऐसा डिजिटल लोन कारोबार तैयार करेगा, जो भरोसे और वित्तीय समावेशन पर आधारित होगा। केयर एज रेटिंग्स के आंकड़ों के अनुसार, भारत में औपचारिक ऋण का जीडीपी अनुपात मात्र 53 प्रतिशत है, जो इस क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाओं को दर्शाता है। एयरटेल अपने विशाल ग्राहक आधार का उपयोग कर औपचारिक वित्तीय सेवाओं से वंचित रह गए लोगों तक ऋण की पहुंच सुनिश्चित करेगा। कंपनी के अनुसार, एनबीएफसी का संचालन एलएसपी प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत होगा, लेकिन दोनों की व्यावसायिक प्रक्रियाओं को स्पष्ट रूप से अलग रखा जाएगा ताकि ग्राहकों को सुगम अनुभव मिल सके। यह विस्तार एयरटेल के मौजूदा दूरसंचार व्यवसाय में विविधता लाने और इसे एक नए विकास इंजन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक स्वाभाविक कदम है। प्रकाश/24 फरवरी 2026