अंतर्राष्ट्रीय
25-Feb-2026
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न्यूयार्क (ईएमएस)। सोचिए......जब आपका दिल धड़कना बंद कर देता है। डॉक्टर सीपीआर रोक देते हैं। इसके बाद इंसार को ‘डेथ’ घोषित कर दिया जाता है, लेकिन आपका दिमाग अब भी जिंदा है, और आपको सब कुछ सुनाई दे रहा है। मौत आज भी दुनिया के लिए एक रहस्य बनी हुई है। इंसान के साथ मौत के बाद क्या होता है और आखिरी क्षणों में उसका अनुभव कैसा होता है। इस पर बहुत कुछ कहा जा चुका है। इन विषयों पर कई रिसर्च भी हो चुके हैं, लेकिन हाल ही में आई एक नई रिसर्च ने सभी को चौंका दिया है। इस नई रिसर्च में दावा किया गया है कि इंसान की मौत के बाद भी उसका दिमाग कुछ समय तक सक्रिय रहता है और वह अपने आसपास की आवाजें सुन सकता है। न्यूयॉर्क में एक डॉक्टर ने ऐसा खुलासा किया है जिसने मौत की परिभाषा को बदल दिया है। दिल की धड़कन रुक जाने के बाद भी इंसानी दिमाग सक्रिय रहता है, और कई बार मरीज डॉक्टरों द्वारा अपनी मौत की घोषणा तक सुन लेते हैं। यह दावा एक भयावह लेकिन महत्वपूर्ण स्टडी में किया गया है। इस स्टडी का नेतृत्व न्यूयॉर्क के डॉक्टर ने किया। उन्होंने उन मरीजों से बात की जिन्हें डॉक्टरी भाषा में मृत घोषित कर दिया गया था। यानी जिनका दिल धड़कना बंद हो चुका था, लेकिन बाद में वे दोबारा जिंदा हो गए। चौंकाने वाली बात थी कि कई मरीजों ने अपने कमरे में हो रही घटनाओं को सटीक रूप से याद किया। शोधकर्ता डॉक्टर के अनुसार, इन मरीजों की याददाश्त इतनी स्पष्ट इसलिए थी क्योंकि दिल रुकने के बाद भी लगभग एक घंटे तक दिमाग में सामान्य और करीब सामान्य ब्रेन गतिविधि मिली। उन्होंने बताया कि ये अनुभव न सपने जैसे होते हैं। इस शोध में अमेरिका और ब्रिटेन के 25 अस्पतालों में कार्डियक अरेस्ट से बचे 53 मरीजों की दिमागी गतिविधि और जागरूकता का अध्ययन किया। जिसमें पाया गया कि 40 फीसदी मरीजों ने यादें या सचेत विचार होने की बात कही। शोधकर्ता के अनुसार, मौत के दौरान कई लोगों को लगता है कि वे अपने शरीर से अलग हो चुके हैं और कमरे में घूमकर चीजें देख-पहचान रहे हैं। इलेक्ट्रोएन्सेफलोग्राम (ईईजी) से पता चला कि मरीजों में दिल रुकने के 35 से 60 मिनट बाद तक कई ब्रेन वेव्स मौजूद थीं, जो सोचने और जागरूकता से जुड़ी होती हैं। यह बताता है कि दिमाग दिल रुकने के बाद भी पूरी तरह बंद नहीं होता, बल्कि कभी-कभी उच्च स्तरीय गतिविधि दिखाता है, मानो कोई बंद कंप्यूटर अचानक रीबूट हो रहा हो। शोधकर्ता डॉक्टर ने बताया कि पहले यह माना जाता था कि दिल रुकने के 10 मिनट बाद दिमाग स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो जाता है, लेकिन यह शोध दिखाता है कि दिमाग सीपीआर जारी रहने पर देर तक सक्रिय रह सकता है। आशीष/ईएमएस 25 फरवरी 2026