राष्ट्रीय
25-Feb-2026
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-यात्रियों को सबसे ज्यादा पसंद आया लंच, 15,000 से ज्यादा मील हुई डिलीवर नई दिल्ली,(ईएमएस)। ट्रेन में सफर करने वाले यात्री अपना मील चुनते हैं। इन्हीं यात्रियों की पसंद को समझते हुए आईआरसीटीसी ने आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें बताया गया है कि ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में से यात्रियों को सबसे ज्यादा कौन सा मील पसंद आता है। वंदे भारत, शताब्दी और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में टिकट के साथ ही मील बुक करने का विकल्प दिया जाता है और इनमें पेंट्री कार नहीं होती। यहां आईआरसीटीसी के बेस किचन से खाना पहुंचाया जाता है। दूसरी ओर कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में पेंट्री कार मौजूद होती है, जहां से ऑर्डर पर यात्रियों को भोजन सर्व किया जाता है। हालांकि लंबी दूरी की उन ट्रेनों में समस्या आती है, जिनमें पेंट्री कार नहीं होती है। ऐसी परेशानी को दूर करने के लिए आईआरसीटीसी ने अप्रैल 2025 में ‘ई-पेंट्री मील बुकिंग सर्विस’ शुरू की थी, जिसने यात्रियों को काफी राहत दी है। यह सेवा सबसे पहले विवेक एक्सप्रेस में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई थी और सफल परीक्षण के बाद इसे 25 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू किया गया। ई-पेंट्री के तहत यात्री अपनी पसंद का भोजन पहले से ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जो तय समय पर उनकी सीट तक पहुंचा जाता है। मीडिया रिपोर्ट में आईआरसीटीसी के मुताबिक सेवा शुरू होने के बाद अब तक 65,000 से ज्यादा मील बुक हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा बुकिंग लंच की रही, जिसकी संख्या 15,000 से ज्यादा है। इसके बाद ब्रेकफास्ट और डिनर का नंबर आता है, जिनके 17,000 से ज्यादा ऑर्डर सामने आए, जबकि मॉर्निंग और इवनिंग टी के 8,000 से ज्यादा ऑर्डर आए। सबसे ज्यादा मील बुक करने वाली ट्रेन निजामुद्दीन–बेंगलुरू संपर्क क्रांति एक्सप्रेस रही, जिसमें करीब 8,300 ऑर्डर आए। दिसंबर 2025 में ई-पेंट्री के तहत सबसे ज्यादा यानी 16,500 मील बुक किए गए। यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर टिकट बुकिंग करते समय ई-पेंट्री विकल्प चुन सकते हैं। यह सुविधा कंफर्म, आरएसी और वेटिंग टिकट धारकों के लिए भी उपलब्ध है। बुकिंग के बाद मिलने वाला मील वेरिफिकेशन कोड यात्री को भोजन प्राप्त करते समय दिखाना होता है, ताकि सही व्यक्ति तक भोजन पहुंच सके। यदि किसी कारण से भोजन नहीं मिलता है, तो यात्री को पूरा रिफंड दिया जाता है। आईआरसीटीसी की यह पहल साबित कर रही है कि तकनीक के सहारे ट्रेन यात्रियों का सफर और ज्यादा सुविधाजनक और सहज बनाया जा सकता है। सिराज/ईएमएस 25 फरवरी 2026