-अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर बचाया पुराना झुनझुना, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बता “दुर्भाग्यपूर्ण” वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कांग्रेस में अपने दूसरे कार्यकाल का दूसरा ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण दिया। इस भाषण में ट्रंप अपना पुराना झुनझुना निकालते हुए नजर आए। ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि करीब सभी देश अमेरिका के साथ समझौता बनाए रखना चाहते हैं और उनका दावा है कि विदेशी देशों से वसूले जा रहे टैरिफ भविष्य में आयकर की जगह ले सकते हैं, जिससे आम लोगों पर टैक्स का बोझ कम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नए बिल के तहत टिप, ओवरटाइम और सोशल सिक्योरिटी पर टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक यह छूट सभी को नहीं मिलेगी। कम आय वाले बुजुर्ग, 65 साल से पहले लाभ लेने वाले और तय आय सीमा से ऊपर के लोग इसका फायदा नहीं उठा पाएंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टैरिफ से होने वाली कमाई अमेरिका के बजट घाटे को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं है। अनुमान के मुताबिक टैरिफ से 10 साल में करीब 3 ट्रिलियन डॉलर जुटाए जा सकते थे, जो 4.7 ट्रिलियन डॉलर के टैक्स कटौती खर्च को कवर करने के लिए काफी नहीं है। पिछले साल अमेरिका का बजट घाटा 1.78 ट्रिलियन डॉलर था। ट्रंप ने कहा कि टैरिफ का पैसा विदेशी देश देते हैं, लेकिन अध्ययनों के मुताबिक इसका ज्यादातर बोझ अमेरिकी उपभोक्ताओं और कंपनियों पर पड़ता है। एक स्टडी के मुताबिक टैरिफ का 86-94फीसदी असर अमेरिकी लोगों ने झेला। वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए टैरिफ से पिछले साल करीब 175 अरब डॉलर की वसूली हुई थी। बता दें सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के बड़े पैमाने पर लगाए गए ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (आईईईपीए) के तहत राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। ट्रंप ने कहा कि ये फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने दावा किया कि अब दूसरे कानूनों के तहत टैरिफ जारी रहेंगे। इसके बाद उन्होंने ग्लोबली 15 फीसदी का टैरिफ लगाने का ऐलान किया। ट्रंप कोर्ट के फैसले को चाहे जितनी बार नजरअंदाज करने की कोशिश कर करें लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का असर यूएस पर ही देखने को मिलेगा। ट्रंप ने इन टैरिफ का उद्देश्य अमेरिकी उद्योगों को बढ़ावा देना बताया गया था, वहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले अमेरिकी व्यवसायों का टैरिफ भुगतान करीब तीन गुना तक बढ़ गया है। इसके अलावा एक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि टैरिफ नीतियों का अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है। सिराज/ईएमएस 25फरवरी26