अंतर्राष्ट्रीय
25-Feb-2026
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-ईरान से तनाव के बीच ट्रंप के सामने खड़ी हुई समस्या यूएसएस जहाज के कई टॉयलेट बंद वाशिंगटन,(ईएएमस)। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात हैं। ईरान ने दशकों में पहली बार इस इलाके में अपनी सबसे बड़ी सैन्य ताकत झोंक दी है। जवाब में अमेरिका ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाले अपने सबसे शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड को मोर्चे पर लगा दिया है, लेकिन इस 13 बिलियन डॉल्र की लागत वाले जहाज के अंदर एक गंभीर मानवीय संकट खड़ा हो गया है। जहाज के 650 टॉयलेट में से ज्यादातर काम करना बंद कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूएस ने इस इलाके में यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड को भी तैनात किया है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर माना जाता है, लेकिन इन सबके बीच यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड पर विदेश में तैनात नाविकों को एक अलग समस्या का सामना करना पड़ रहा है जो है टॉयलेट संकट। यह एयरक्राफ्ट कैरियर पिछले साल जून से समुद्र में है। इसने जनवरी में वेनेजुएला के पूर्व प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन फोर्ड की तैनाती को और बढ़ाने के अमेरिकी प्रेसिडेंट के फैसले ने इसके लिए कई समस्याएं खड़ी कर दी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लंबे समय तक तैनाती के कारण फोर्ड का सीवेज सिस्टम खराब हो गया है। मेंटेनेंस की कमी की वजह से गेराल्ड आर फोर्ड के 650 टॉयलेट में से ज़्यादातर काम नहीं कर रहे हैं। सीवेज सिस्टम वैक्यूम-बेस्ड मॉड्यूल पर काम करता है। एक भी वाल्व फेल होने से सभी टॉयलेट में सक्शन बंद हो सकता है, जिससे नाविकों के लिए प्रॉब्लम को अलग करना मुश्किल हो जाएगा। प्रॉब्लम को ठीक करने के लिए जहाज़ को डॉक करना होगा, लेकिन खराब पानी में ऐसा होने की उम्मीद कम है। इसलिए, कैरियर पर प्रॉब्लम बनी हुई है। न्यूक्लियर पावर से चलने वाले यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड में करीब 4,500 नाविक हैं, और उनमें से कई इस गड़बड़ी के बाद नेवी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। इस घटना की वजह से यूएसएस के नाविकों और टेक्नीशियन के बीच एक-दूसरे पर इल्ज़ाम लगाने का खेल शुरू हो गया है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एयरक्राफ्ट कैरियर के कैप्टन को भी नाविक की निराशा के बारे में पता है। गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस की डायरेक्टर के हवाले से कहा गया है कि इस बारे में सोचना ज़रूरी है, जैसे हम आप नाविकों से इन हालात में रहने के लिए कह रहे हैं। हमें कम से कम उन्हें रहने की सुविधाएं तो देनी चाहिए, ताकि उन्हें उस मामले में किसी तरह की परेशानी न हो और, बदकिस्मती से हम यहीं हैं। ईरान के साथ हालात तनावपूर्ण होते जा रहे हैं, यह देखना होगा कि ट्रंप यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड को वापस बुलाते हैं या नहीं। सिराज/ईएमएस 25फरवरी26