केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रल्हाद जोशी ने राहुल गांधी को लताड़ा नई दिल्ली,(ईएमएस)। नई दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन को लेकर सियासी घमासान तेज हुआ है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय युवा कांग्रेस के ‘शर्टलेस’ विरोध प्रदर्शन की कड़ी आलोचना कर इस प्रदर्शन को वैश्विक मंच पर भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश बताया। उन्होंने कई पोस्ट कर कांग्रेस और विशेष रूप से राहुल गांधी पर निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री गोयल ने आरोप लगाया कि एआई शिखर सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन में बिना शर्ट पहने प्रदर्शनकारियों को भेजना देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने इस हरकत को कांग्रेस की “समझौतावादी विरासत” का विस्तार बताया और पूर्व कांग्रेस सरकारों के फैसलों का हवाला दिया। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता से जुड़े कथित प्रस्ताव, राजीव गांधी के समय हुए बोफोर्स तोप सौदे विवाद और इंदिरा गांधी के दौरान कच्चातीवू समझौते का उल्लेख कर कांग्रेस पर राष्ट्रीय हितों से समझौते के आरोप लगाए। वहीं केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी राहुल गांधी की 2024 की अमेरिका यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर चर्चा के नाम पर हुई इस यात्रा में इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल से जुड़े कार्यकर्ताओं और अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस से कथित रूप से जुड़े नेटवर्क के लोगों से मुलाकात ने संदेह पैदा किया। केंद्रीय मंत्री जोशी ने दावा किया कि इन मुलाकातों में कतर की कथित मध्यस्थ भूमिका रही। दूसरी ओर, भारतीय युवा कांग्रेस ने अपने विरोध का बचाव करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जिन पर एआई समिट में देश की पहचान से समझौता करने का आरोप लगाया गया। भारत मंडपम में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी शर्ट उतारकर असहमति जताई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति को एक बार फिर तेज कर दिया है, जहां दोनों दल राष्ट्रीय हित, पारदर्शिता और वैश्विक छवि के मुद्दे पर आमने-सामने हैं। आशीष दुबे / 25 फरवरी 2026