राष्ट्रीय
25-Feb-2026


-जैफरी ने बना दी जोड़ी वाले पोस्टर को लगाया और किए गंभीर सवाल -हर्षदीप पुरी की बैठकें और ईमेल पर स्पष्टता व जवाबदेही की मांग नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री हरदीप पुरी, जेफ्री एपस्टीन, अनिल अंबानी और इजराइल के संबंधों का खुलासा करते हुए ई-मेल में जिन बातों का उल्लेख है उसका खुलासा भी किया। इजराइल और अमेरिका के साथ जो डील भारत की हो रही थी उसमें एपस्टीन के मेल से उन सब बातों का खुलासा हो गया है। इसके बाद भी पीएम मोदी इजराइल यात्रा पर हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को पत्रकारों के समक्ष अमेरिका से जारी ‘एपस्टीन फाइल्स’ के खुलासों पर जहां गहरी चिंता व्यक्त की वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने एपस्टीन फाइल्स में आए नामों और बातचीत में पीएम मोदी समेत उच्च स्तरीय नेताओं एवं मंत्रियों के नाम आने के मामले में पूरी स्पष्टता और जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश की छवि पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पत्रकार वार्ता में जैफरी ने बना दी जोड़ी पोस्टर लगाकर पीएम मोदी को घेरा और उठ रहे सवालों के जवाब देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अभी तक इस मामले पर संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाई है कि आखिर किस संदर्भ में नेताओं के नाम जुड़े हैं और क्या ईमेल व बैठकों का आदान‑प्रदान केवल औपचारिक/डिप्लोमैटिक संपर्क था या इसके पीछे कोई गोपनीय उद्देश्य था। हर्षदीप पुरी के कथित मेल और बैठकों पर सवाल पवन खेड़ा ने कहा कि यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस से जारी फाइल्स के अनुसार केंद्रीय मंत्री हर्षदीप पुरी और जेफरी एपस्टीन के बीच 2014 से 2017 के बीच 62 ईमेल और 14 बैठकें दर्ज हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया, कि इन बैठकों और ईमेल का संदर्भ और उद्देश्य क्या था? क्या यह केवल औपचारिक / संक्षिप्त बातचीत थी? क्या मंत्रालय या सरकारी कर्तव्यों से जुड़ा कोई तय कार्यक्रम था या अन्य किसी उद्देश्य के लिए मुलाकातें हुईं? पवन खेड़ा ने कहा, कि केवल ईमेल या संदेश का उल्लेख करना पर्याप्त नहीं है और स्पष्ट स्पष्टीकरण देना सरकार की जवाबदेही है। आलोकित मुद्दों पर जवाबदेही की मांग कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने जोर देकर कहा, कि अगर बैठकें और ईमेल सरकारी कामकाज से संबंधित थीं, तो सरकार को स्पष्ट दस्तावेज और तर्क पेश करने चाहिए। अगर यह केवल क्लाइंट‑प्रोफेशनल संबंध था, तो इसका कारण भी जनता के सामने स्पष्ट होना चाहिए। समय, तारीख, संदर्भ और बातचीत का सारांश जनता के सामने रखा जाना चाहिए। खेड़ा ने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति में केवल घोषणाओं और अनिश्चित बयानों से कोई संतोषजनक निष्कर्ष नहीं निकल रहा है। राजनीतिक आलोचना और इस्तीफे की मांग उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि क्या वे इस पूरे मामले में स्पष्टता लाएंगे और क्या जनता को आयोग या न्यायप्रस्ताव के माध्यम से जवाब मिल पाएगा। पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस का रुख स्पष्ट है कि यदि किसी मंत्री की भूमिका संदिग्ध या अनधिकृत रही, तो उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और जवाबदेही को मजबूती मिले। हिदायत/ईएमएस/25/02/2026