- परिजनों ने की आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने और हत्या का केस दर्ज करने की मांग गुना (ईएमएस)। जिले के आरोन कस्बे में बुधवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जब संदिग्ध सडक़ हादसे में मृत शिवभान सिंह सोलंकी के परिजनों और समाजजनों ने सिरोंज बायपास पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। भारी संख्या में जुटे आक्रोशित लोगों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों का साफ तौर पर आरोप है कि मंगलवार शाम बजरंगगढ़ के पास हुई घटना कोई सामान्य सडक़ हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि दोषियों पर तत्काल हत्या (धारा 302) का मामला दर्ज किया जाए और उनके अवैध निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर चलाया जाए। चक्काजाम के कारण बायपास के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंचे पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। परिजनों का कहना है कि मंगलवार दोपहर को हुए विवाद के बाद विपक्षी पक्ष ने रंजिश के चलते जानबूझकर शिवभान सिंह की कार को पीछे से टक्कर मारी, जिससे उनकी मौत हो गई और उनके दो बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल बेटों ने अस्पताल से दिए बयान में स्पष्ट किया था कि धर्मेंद्र सोनी, कल्ला जैन और अन्य लोगों ने उनका पीछा कर गाड़ी चढ़ाई है। उल्लेखनीय है कि इस पूरे खूनी संघर्ष की पटकथा मंगलवार दोपहर को आरोन के प्रताप मार्ग पर एक प्लॉट विवाद के साथ शुरू हुई थी। मारपीट की उस घटना के बाद जब शिवभान सिंह अपने बेटों के साथ शिकायत करने गुना आए थे, तब लौटते समय बजरंगगढ़ टोल नाके के पास यह वारदात हुई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले को केवल दुर्घटना के रूप में देख रही है, जबकि यह एक सोची-समझी हत्या है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी मामले को शांत कराने की कोशिश में जुटे हैं। - सीताराम नाटानी