क्षेत्रीय
25-Feb-2026
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- 4 महीने के लक्ष्य को 100 दिन में पूरा कर रिकॉर्ड बनाया जबलपुर, (ईएमएस)। विशेषज्ञ एजेंसि‍यों की सलाह अनुसार मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की जिस यूनिट को वार्ष‍िक रखरखाव के दौरान रोटर में क्रेक टरबाइन के लो-प्रेशर रोटर ग्रूव्स में गंभीर दरार होने और नए रोटर लगाने के लिए लगभग 48 माह लगते, उसी यूनिट को पावर जनरेटिंग कंपनी के इंजीनियरों ने इन-हाउस मरम्मत करके 100 दिन तक लगातार संचालित कर दिया। यहां जिस यूनिट का जिक्र किया जा रहा है वह संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर (एसजीटीपीएस) की 500 मेगावाट क्षमता यूनिट नंबर 5 है। इस यूनिट ने गत दिवस लगातार 100 दिन संचालित होने का रिकार्ड बनाया। यदि यह यूनिट विशेषज्ञ एजेंसीयो की सलाह के आधार नए रोटर लगने तक लगभग चार वर्ष के लिए बंद रहती तो विद्युत उत्पादन का नुकसान होता। इसके अतिरिक्त नए रोटर की खरीद पर अतिरिक्त व्यय भी कंपनी को वहन करना पड़ता। यह स्थिति न केवल आर्थिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण थी, बल्कि राज्य की ऊर्जा आपूर्ति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती थी। विशेषज्ञ एजेंसि‍यों ने कहा रोटर को बदलना ही एकमात्र विकल्प-संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 को गत वर्ष 10 जुलाई को केपिटल ओवरहालिंग के लिए बंद किया गया था। रखरखाव के दौरान जानकारी मिली कि टरबाइन के लो-प्रेशर (एलपी) रोटर ग्रूव्स में गंभीर दरारें हैं। विस्तृत तकनीकी परीक्षण एवं मूल्यांकन के उपरांत एजेंसीयो के विशेषज्ञों ने रोटर को भविष्य की सेवा के लिए अनुपयुक्त बताते हुए नया रोटर लगाने की अनुशंसा की। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के लिए अपनी किसी यूनिट को इतने लंबे समय तक बंद रखना किसी भी तरह मंजूर नहीं था। यूनिट को बंद रखने से विद्युत उत्पादन का नुकसान होता। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने खराब एलपी रोटर को इन-हाउस मरम्मत करने का साहसिक निर्णय लिया रोटर की मरम्मत करके यूनिट को पुन: विद्युत उत्पादन करने के लिए सक्षम बना दिया। देश में पहली बार यथा स्थान पर सुधारा गया रोटर-यहां यह बताना ज़रूरी हो जाता है कि देश में पहली बार किसी एलपी टरबाइन रोटर की यथा स्थान पर इस तरह की मरम्मत की गई। इस जटिल व मुश्क‍िल मरम्मत का सफल होना और उसके पश्चात् 100 दिनों से यूनिट का एक सा संचालन इस कामयाबी को खास और शानदार बनाता है। उल्लेखनीय है कि यूनिट ने इसके बाद लगभग 1592 मिलियन यूनिट (एमयू) विद्युत उत्पादन करते हुए लगभग 97.97 प्रतिशत प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ), 98 प्रतिशत प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ) और 5.48 प्रतिशत ऑक्जलरी खपत का मापदंड अर्जित किया। राष्ट्रीय पटल पर कंपनी मनवा रही अपना लोहा........... मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक ने प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कंपनी के अभियंता न सिर्फ विद्युत गृहों के सुचारु संचालन से राष्ट्रीय पटल पर कंपनी का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि अपने तकनीकी कौशल और काबिलि‍यत से विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान सुदृढ़ कर रहे है। सुनील साहू / मोनिका / 25 फरवरी 2026