- राष्ट्र कल्याण के लिए महामंडलेश्वर राजगुरु जी लेंगे भू-समाधि - 5 से 15 अप्रैल तक सजेगा आध्यात्मिक महाकुंभ, हजारों नेपाली रुद्राक्षों से बनी हनुमान प्रतिमा का होगा विशेष अभिषेक :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर के समीप पिपलिया लोहार (शिवनगर) स्थित खेड़ापति आश्रम आगामी 5 से 15 अप्रैल तक आस्था और तपस्या के अनूठे संगम का साक्षी बनने जा रहा है। हनुमंत साधक श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर राजगुरु महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित होने वाले हनुमंत विराट मेले ने समूचे क्षेत्र में आध्यात्मिक उत्साह का संचार कर दिया है। इस 10 दिवसीय महोत्सव का सबसे दुर्लभ आकर्षण महाराज श्री द्वारा 10 से 13 अप्रैल तक राष्ट्र कल्याणार्थ ली जाने वाली तीन दिवसीय दिव्य भू-समाधि साधना होगी। महामंडलेश्वर राजगुरु महाराज ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भू-समाधि साधना का उद्देश्य व्यक्तिगत सिद्धि नहीं, बल्कि समाज के कष्टों का निवारण और राष्ट्र की एकता व संरक्षण है। आश्रम परिसर, जहाँ पिछले तीन वर्षों से अखंड धूना और अखंड ज्योत प्रज्वलित है, इस दौरान अखंड हनुमान चालीसा के पाठ से गुंजायमान रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हजारों नेपाली रुद्राक्षों से निर्मित लगभग 5 फीट ऊंची हनुमान जी की भव्य प्रतिमा होगी। सात दिनों तक चलने वाले विशेष रुद्राभिषेक और अनुष्ठानों के माध्यम से इस प्रतिमा को अभिमंत्रित किया जाएगा, जिसके उपरांत 13 अप्रैल को इन सिद्ध रुद्राक्षों का वितरण किया जाएगा। आयोजन की श्रृंखला में 8 से 14 अप्रैल तक श्रीमद् भागवत कथा का रसपान भी भक्त कर सकेंगे। आयोजन समिति द्वारा मेले के दौरान सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और स्वच्छता के कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं। 14 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमियों से आग्रह किया है कि वे इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में सहभागी बनकर संकट मोचन हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करें। प्रकाश/25 फरवरी 2026