क्षेत्रीय
26-Feb-2026
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इन्दौर (ईएमएस) अपर सत्र न्यायाधीश सोनल पटेल की कोर्ट ने हत्या के एक प्रकरण की सुनवाई उपरांत नाबालिग बेटी की गवाही पर उसकी मां के हत्यारे पिता को हत्या का दोषी करार देते आजन्म कारावास की सजा से दंडित किया है। प्रकरण में अभियोजन पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक अजय मिमरोट ने की। प्रकरण कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि आरोपी शैलेंद्र वर्मा पिता घनश्याम उम्र सैंतीस साल निवासी फाल्गुन रेस्टोरेंट के पीछे लसूड़िया मोरी इसी रेस्टोरेंट में माली का काम करता था, जिसके चलते उसे रहने के लिए वहीं एक क्वार्टर दे रखा था। 27 मार्च 2024 की देर रात उसने अपनी पत्नी दीपा की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय उनकी 13 एवं 6 वर्ष की दो बेटियां कमरे में ही सो रही थीं, जो शोर मचने पर जाग गई थीं और मां को लहूलुहान अवस्था में देखकर रोने लगी थीं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को महिला के चरित्र शंका में उसके पति द्वारा यह हत्या करने की बात पता चली थी। जिसके बाद पुलिस ने हत्या के मामले में प्रकरण दर्ज करते आरोपी राजकुमार को गिरफ्तार कर विवेचना उपरांत प्रकरण चालान कोर्ट में पेश किया। ट्रायल के दौरान बड़ी बेटी ने कोर्ट में दिए अपने बयान में कहा कि जब वह शोर सुनकर उठी तो देखा कि मम्मी नीचे पड़ी हैं और पापा उसके ऊपर बैठकर उनको चाकू मार रहे हैं। बेटी की गवाही पर सक्षम न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते उक्त दंड से दंडित किया। आनंद पुरोहित/ 26 फरवरी 2026