लेख
27-Feb-2026
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उपभोक्ता कानून में एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का उपयोग रियल-टाइम डेटा विश्लेषण द्वारा खरीदारी के पैटर्न को समझने, शिकायतों के तेजी से निपटान, और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी को रोकने के लिए किया जा रहा है। यह तकनीक उपभोक्ता सेवा की गुणवत्ता पर नजर रखने में सहायक सिद्ध हो रही है। उपभोक्ता मंत्रालय उपभोक्ताओं की शिकायतो को सुनने और उसका समाधान देने के लिए एआई का इस्तेोमाल कर रहा है।एआई के कारण शीघ्र समाधान के चलते डिजिटल शिकायतों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। एआई का उपभोक्ता कानून में उपयोग सन 2023 में पहली बार शुरू किया गया था।आईआईटी बॉम्बे के कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. पुष्पक भट्टाचार्य और उनकी की टीम ने यह चैटबॉट तैयार किया है।साथ ही एनएलएसआईयू बेंगलुरु के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राहुल हेमराजानी और उनकी टीम ने कानूनी पहलुओं को जोड़ते हुए इस चैटबॉट को प्रशिक्षित किया। डॉ. पुष्पक भट्टाचार्य और डॉ. राहुल हेमराजानी के इस प्रोजेक्ट में उपभोक्ता मंत्रालय नॉलेज पार्टनर था। उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान में एआई बेहद कारगर है।इसी के कारण उपभोक्ता शिकायतों की संख्या व समाधान में इजाफा हुआ है।आंकड़ो पर गौर करे तो दिसंबर, 2015 देश में जहां 12,553 उपभोक्ताओं की शिकायत दर्ज हुई थीं, वहीं अब यह संख्याआ बढ़कर 1,55, 138 हो गई है।सन 2023 में इन शिकायतों के समाधान में सामान्यतः 66.26 दिन लगते थे, जबकि सन 2024 में यह अवधि घटकर 48 दिन रह गई।वही जिन कंपनियों के खिलाफ शिकायतें अधिक होती हैं, उनको कन्वर्जेंस पार्टनर बनाया जाता है।सन 2017 में ऐसी कंपनियों की संख्याे 263 थी, जो कि अब बढ़कर 1,038 हो गई हैं। एआई बेस प्रोजेक्टब शुरू होने के बाद ये कंपनियां उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता दे रही हैं।देश में 53 प्रतिशत से अधिक लोग ऐसे हैं, जो सरकारी पोर्टल का उपयोग नहीं कर पाते हैं। ऐसे में एआई चैटबॉट उनकी मदद करेगा। हाल ही में गपशप प्लेसटफॉर्म ने उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के साथ मिलकर जागृति एआई चैटबॉट लॉन्च किया है,जो उपभोक्ताओं के लिए मील का पत्थर है। कानून के क्षेत्र में एआई न्याएय गुरु देश का पहला एआई आधारित लीगल चैटबॉट है। यह लोगों को न सिर्फ ऑनलाइन कानूनी सलाह देता है, बल्कि कानूनी तौर पर उनके अधिकारों को समझने में मदद भी करता है।इसके लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर होम पेज पर चैटबॉट का आइकन पर क्लिक करना होगा।इस एआई चैटबॉट पर उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कर सकते है।चैटबॉट आपकी शिकायत के आधार पर कानूनी दस्तावेज, नोटिस या आवेदन तैयार करने में सहायता करता है। ग्राहक न्याय का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान प्रदान करना है।उपभोक्ता मंत्रालय राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से सशक्त बना रहा है जिससे उपभोक्ता शिकायतों का समाधान 45 दिनों की बजाय सिर्फ 7 दिनों में हो सकेगा। उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो और कानूनी मेट्रोलॉजी नियमित रूप से बाजार का सर्वेक्षण करते हैं, जिससे उपभोक्ताओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। इसलिए हम कह सकते है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात एआई उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने में न सिर्फ मददगार है बल्कि नए जमाने मे शीघ्र,सुलभ व सस्ते न्याय का माध्यम भी बन रहा है।(लेखक उत्तराखंड उपभोक्ता राज्य आयोग के वरिष्ठ अधिवक्ता है) ईएमएस / 27 फरवरी 26