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26-Feb-2026
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शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट भारतीय डेमोक्रेसी की आत्मा नई दिल्ली (ईएमएस)। लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस मेंबर्स के खिलाफ एक्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सरकार और नॉर्थ कोरिया के तानाशाही शासन एक जैसा है। ये इंडिया है, नॉर्थ कोरिया नहीं। राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट डेमोक्रेसी की आत्मा है। यह कोई अपराध नहीं है। उन्होंने पूछा… जब आदिवासी अपने जल, जंगल, जमीन के हक के लिए खड़े हुए, तब उन पर भी शक की नजर डाली गई। यह कैसा लोकतंत्र है, जहां पीएम मोदी सवालों से डरते है? जहां असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है? दरअसल, दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस मेंबर्स ने शर्ट उतार कर प्रदर्शन किया था। इस बारे में दिल्ली पुलिस 3 सदस्यों को गिरफ्तार करने शिमला पहुंची थी। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को उन्हें ले जाने से रोक लिया था। राहुल गांधी ने ये बातें गिरफ्तार तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली वापस लाने की इजाजत मिलने के बाद कही। राहुल गांधी ने पोस्ट कर लिखा कि सोचिए मुद्दा कोई भी हो, अगर आप सत्ता के खिलाफ संवैधानिक तरीके से आवाज उठाते हैं, तब लाठी, मुकदमा और जेल, यह लगभग तय है। पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज उठाई, जवाब में उन्हें लाठियों से मारा गया। देश की गौरवशाली महिला पहलवानों ने बीजेपी के प्रभावशाली नेता पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। लेकिन महिला पहलवानों की पुकार को बदनाम किया गया, आंदोलन को कुचला कर सड़कों से जबरन हटाया गया। एक बलात्कार पीड़ित के समर्थन में इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। न्याय की मांग को व्यवस्था के लिए असुविधा मानकर हटाया गया। युवा कांग्रेस ने देश का अहित करने वाले यूएस ट्रेड डील का शांतिपूर्ण विरोध किया, तब उन्हें देशविरोधी बताकर गिरफ्तार किया। जब आम लोग जहरीली हवा के खिलाफ खड़े हुए, तब पर्यावरण की चिंता को भी राजनीति कहकर दबा दिया गया। जब किसानों ने अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया, तब उन्हें देशविरोधी बताया गया। आंसू गैस, रबर की गोलियां, पानी की बौछारें और लाठियां, यही संवाद का माध्यम बना। आशीष दुबे / 26 फरवरी 2026