राज्य
27-Feb-2026


-विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने दी लिखित में यह जानकारी भोपाल (ईएमएस)। प्रदेश के कूनो अभ्यारण्य में रह रहे 38 नामीबियाई चीते एक साल में 1.27 करोड़ से ज्यादा कीमत के बकरे खा चुके हैं। प्रदेश के कूनों में नामीबिया से लाए चीतों पर सरकार खूब खर्च कर रही है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखित में यह जानकारी दी। कांग्रेस विधायक मल्होत्रा ने सवाल पूछा था कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को भोजन के लिए एक साल में कितनी राशि खर्च की गई। इसके अलावा एक दिन में कितने बकरे खिलाए खा जा रहे हैं। विधायक ने पूछा कि कूनो नेशनल पार्क में अभ्यारण्य में चीतों की संख्या कितनी है? ये भी पूछा गया कि क्या राष्ट्रीय उद्यान कूनों में 17 दिसंबर 2022 से एक वर्ष में बकरा क्रय करने के लिए 1 करोड़ 30 लाख रुपए प्रति वर्ष दिया जा रहे है? इस प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों के भोजन के लिए अलग से कोई बजट नहीं दिया गया, लेकिन इनकी चिकित्सीय देखभाल के साथ उनके प्रबंधन में जो अलग-अलग योजनाओं में राशि दी जाती है। वही, बकरा मीट खरीदने में खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में बकरा मीट खरीदने के लिए 1 करोड़ 27 लाख 10 हजार 870 रुपए की राशि खर्च की गई। वहीं, एक दिन में कितने बकरे खिलाए जाते है इसके जवाब में लिखा कि इसका कोई मानक निर्धारित नहीं है। आवश्यकता अनुसार मीट खिलाया जाता है। उन्होंने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में कुल 32 चीते मौजूद हैं। वहीं, ग्वालियर, शिवपुरी, राजस्थान, मुरैना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे चीतों को लेकर पूछा कि चीते ग्रामीणों की बकरी-मवेशी का शिकार कर रहे हैं? पिछले वर्ष दिसंबर में हाइवे पर एक्सीडेंट में हुई चीते की मौत को लेकर पूछा कि क्या अभ्यारण के अंदर चीतों को भोजन नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण एक चीते की घाटीगांव हाइर्व रोड पर दिसंबर 2025 में एक्सीडेंट में मौत हो गई? इसके जवाब में बताया कि कूनो नेशनल पार्क में 32 चीते मौजूद है। कूनो पार्क के खुले जंगल में विचरण कर रहे चीते कभी कभी वनमंडल की सीमा से बाहर चले जाते हैं और ग्रामीणों की बकरी-मवेशी का शिकार कर लेते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना के कारण एक चीते की मौत हुई है। बता दें मध्य प्रदेश में 2022 में आठ नीचे नामीबिया और वर्ष 2023 में 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से भारत लाए गए। अब प्रदेश में चीतों की आबादी बढ़कर 32 हो गई है। सुदामा नरवरे/27 फरवरी 2026