-इन हथियारों की रेंज और स्पीड इतनी ज्यादा कि ‘थाड’ व ‘पैट्रियट’ भी इनके सामने फेल! बीजिंग,(ईएमएस)। चीन की बदलती डिफेंस टेक्नोलॉजी से अमेरिका हैरान है। ड्रैगन के पास अब ऐसे मिसाइल सिस्टम और स्टील्थ फाइटर जेट्स हैं जो अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और उनके बेसिस को मिनटों में तबाह कर सकते हैं। अमेरिका को सबसे ज्यादा डर चीन की हाइपरसोनिक मिसाइलों से है क्योंकि इन्हें ट्रैक करना नामुमकिन है। चीन अपनी नेवी को भी दुनिया की सबसे बड़ी नेवी बना चुका है जिससे पैसिफिक ओशियन में उसकी पकड़ मजबूत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अगर कभी युद्ध हुआ तो चीन के ये ‘कैरियर किलर’ हथियार अमेरिका के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित होंगे। इन हथियारों की रेंज और स्पीड इतनी ज्यादा है कि अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ‘थाड’ और ‘पैट्रियट’ भी इनके सामने फेल हो सकते हैं। दुनिया अब एक नए कोल्ड वॉर की तरफ बढ़ रही है जहां चीन की मिसाइलें ग्लोबल पावर बैलेंस को बिगाड़ने की पूरी ताकत रखती हैं। चीन की डीएफ-17 मिसाइल को दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार माना जाता है। यह मिसाइल आवाज की रफ्तार से पांच गुना ज्यादा तेजी से उड़ सकती है, इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह अपना रास्ता बीच हवा में बदल सकती है। अमेरिका के पास फिलहाल ऐसा कोई सिस्टम नहीं है जो इतनी तेज और मुड़ने वाली मिसाइल को रोक सके। यह सीधे तौर पर गुआम और जापान में मौजूद अमेरिकी बेस को निशाना बना सकती है। अमेरिका की सबसे बड़ी ताकत उसके विशालकाय एयरक्राफ्ट कैरियर हैं लेकिन चीन ने इनका तोड़ भी निकाल लिया है। रिपोर्ट के मुताबि डीएफ-21डी एक ऐसी बैलिस्टिक मिसाइल है जिसे चलते हुए जहाज को डुबोने के लिए बनाया गया है। इसे ‘कैरियर किलर’ इसलिए कहते हैं क्योंकि यह एक झटके में अरबों डॉलर के अमेरिकी शिप को बर्बाद कर सकती है। इस मिसाइल के डर से अमेरिकी नेवी अब चीन के तटों के पास आने से कतराती है। चीन का जे-20 फाइटर जेट अमेरिका के एफ-22 और एफ-35 को कड़ी टक्कर दे रहा है। यह एक फिफ्थ जनरेशन का लड़ाकू विमान है जो रडार को चकमा देने में माहिर है। चीन ने इसमें ऐसी टेक्नोलॉजी यूज की है जिससे यह चुपके से दुश्मन की सीमा में घुसकर हमला कर सकता है। पेसिफिक रीजन में अपनी एयर सुपेरिटी बनाए रखने के लिए चीन लगातार इन विमानों की संख्या बढ़ा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने ऐसी मिसाइलें बना ली हैं जो अंतरिक्ष में मौजूद अमेरिकी सैटेलाइट्स को मार गिरा सकती हैं। अगर चीन ने अमेरिका के जीपीएस या कम्युनिकेशन सैटेलाइट्स को तबाह कर दिया तो अमेरिकी सेना अंधी हो जाएगी। बिना सैटेलाइट सपोर्ट के अमेरिका की मिसाइलें और ड्रोन काम करना बंद कर देंगे। यह एक ऐसा खतरा है जिससे निपटना अमेरिका के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। सिराज/ईएमएस 28 फरवरी 2026