पालघर, (ईएमएस)। मुंबई से सटे पालघर में पानी का अंदाज़ा न लगा पाने की वजह से दो बच्चों की जान चली गई। यह हादसा मनोर के पास टाकवहाल इलाके में एक बंद पत्थर की खदान में हुआ। जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर मस्तान नाका फ्लाईओवर के पास बंद खदान में कुछ बच्चे पानी में तैरने के लिए उतरे थे। लेकिन पानी के स्तर का अंदाजा नहीं होने से दोनों बच्चे डूब गए। इस घटना में जिग्नेश विजय पवार (8) और आयुष मुकेश पवार (15) की मौत हो गई। उनका परिवार मूल रूप से इंदौर का रहने वाला है और काम के सिलसिले में पालघर के मनोर इलाके में रह रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही मनोर पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही, वसई-विरार महानगरपालिका के दमकलकर्मी ने भी तलाशी अभियान चलाया। इस हादसे से स्थानीय नागरिकों में गुस्सा है और बंद खदानों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। बंद खदानों में पानी जमा होने से खतरा बढ़ने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी जगहों पर सुरक्षा के उपाय और चेतावनी के निशान न होने से हादसों की संभावना बढ़ जाती है। प्रशासन से इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की जा रही है। संतोष झा- २८ फरवरी/२०२६/ईएमएस