अंतर्राष्ट्रीय
01-Mar-2026
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-अमेरिका की दूसरी एआई कंपनी ओपनएआई की हो गई बल्ले-बल्ले वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका में एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अमेरिकी युद्ध विभाग के सामने झुकने से इनकर कर दिया, जिसका खामियाजा अब भुगतना पड़ेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एंथ्रोपिक का इस्तेमाल सभी संघीय विभागों के लिए बैन कर दिया है। यह फैसला पेंटागन और एंथ्रोपिक के बीच एआई से जुड़े सुरक्षा मानकों को लेकर चल रहे विवाद के कारण लिया गया। ट्रंप ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताया। वहीं एंथ्रोपिक पर हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका किसी ‘रैडिकल लेफ्ट और वोक कंपनी’ को अपनी सेना के फैसले नहीं करने देगा। वहीं इस मौके पर अमेरिका की दूसरी एआई कंपनी ओपनएआई की बल्ले-बल्ले हो गई है। एंथ्रोपिक पर बैन होने के कुछ ही घंटे बाद ओपनएआई ने अमेरिकी युद्ध विभाग के साथ समझौता किया। उसने अपने एआई मॉडल्स को सैन्य नेटवर्क में तैनात करने पर सहमति जताई। यह पूरा विवाद एंथ्रोपिक कंपनी की तकनीक को लेकर है। पेंटागन चाहता था कि कंपनी अपनी एआई पर लगे कुछ सुरक्षा नियम ढीले कर दे, ताकि अमेरिका की सेना इस तकनीक का ज्यादा खुलकर इस्तेमाल कर सके। इसमें बड़े स्तर पर निगरानी करना और ऐसे हथियार बनाना भी शामिल है जो बिना इंसान के खुद फैसले लेकर हमला कर सकें, लेकिन एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अभी एआई इतनी भरोसेमंद नहीं है कि उसे बिना इंसान की निगरानी के किसी पर हमला करने या टारगेट तय करने के काम में लगाया जाए। उनका कहना है कि अगर ऐसा किया गया तो गलत फैसले हो सकते हैं और इससे सैनिकों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी का कहना है कि उसकी तकनीक का इस्तेमाल लोगों पर बड़े पैमाने पर नजर रखने या पूरी तरह खुद से चलने वाले हथियार बनाने के लिए नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक यह सही नहीं है और इससे खतरनाक हालात पैदा हो सकते हैं। उन्हें सीधे तौर पर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने धमकी भरे लहजे में चेतावनी भी दी थी, लेकिन एंथ्रोपिक ने झुकने से साफ इनकार कर दिया। ट्रंप के एंथ्रोपिक पर बैन के बाद हेगसेथ ने ट्रंप को धन्यवाद कहा। साथ ही एक ट्वीट में दावा किया कि एंथ्रोपिक का कदम अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन में उसे वीटो पावर देने जैसा था। सरकार का आरोप है कि एंथ्रोपिक सेना के साथ सहयोग नहीं कर रही, जिस कारण अमेरिका की सुरक्षा कमजोर हो सकती है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कंपनी को ‘सप्लाई चेन रिस्क’ घोषित करने की बात कही। इसका मतलब यह है कि सेना से जुड़े किसी भी ठेके में एंथ्रोपिक की तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब किसी अमेरिकी टेक कंपनी को इस तरह का टैग दिया जाएगा। एंथ्रोपिक ने इस फैसले का विरोध किया है। कंपनी ने कहा कि अगर उसे सप्लाई चेन रिस्क घोषित किया गया तो वह कोर्ट में चुनौती देगी। कंपनी का कहना है कि सरकार का दबाव गलत है और इससे अमेरिका की टेक इंडस्ट्री के लिए खतरनाक मिसाल बनेगी। सिराज/ईएमएस 01 मार्च 2026