01-Mar-2026
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जबलपुर, (ईएमएस)। जिले की उभरती स्व सहायता समूह की महिला उद्यमियों ने आज शहर की चमक-दमक में अपनी कला और उत्पादों का जलवा बिखेरा। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत ने कांचघर क्षेत्र के संभागीय हाट बाजार में आयोजित आजीविका मेलाÓका औपचारिक निरीक्षण किया। यह मेला न केवल महाकौशल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का माध्यम बनेगा, बल्कि ग्रामीण उत्पादों को शहरी बाजारों तक पहुंचाकर हजारों महिलाओं के सपनों को पंख लगाएगा।मेला एक जीवंत मंच साबित हुआ, जहां स्व-सहायता समूहों की उद्यमी महिलाओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। गोंडी पेंटिंग की रंगीन कैनवास से लेकर विभिन्न प्रकार के अचार, कच्ची घानी तेल मिल के शुद्ध तेल, दाल प्रसंस्करण इकाइयों के पौष्टिक उत्पाद, प्रसंस्कृत कोदो-कुटकी मिलेट और स्वादिष्ट कुकीज तक—हर स्टॉल पर ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और नवाचार की झलक दिखी। खास आकर्षण रहा नॉनवेज रेस्टॉरेंट, देशी चिकन शॉप और देशी अंडे की दुकानें, जो स्थानीय किसानों के उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने मेला घूमते हुए कहा, यह पहल जिले की स्व सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास है। सीईओ अभिषेक गहलोत ने जोर देकर कहा, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को यह मंच रोजगार का नया द्वार खोल रहा है। आत्मनिर्भर भारत का सपना यहीं से साकार हो रहा है—जहां मेहनत का इनाम तुरंत मिले और सशक्तिकरण का सफर निरंतर चले। यह मेला जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हाट बाजार ग्रामीण उत्पादों की बिक्री में अप्रत्याशित वृद्धि ला सकते हैं, जिससे महिलाओं की आय दोगुनी हो सकती है। सुनील साहू / शहबाज / 29 फरवरी 2026