राष्ट्रीय
03-Mar-2026
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-केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है और फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए तैयार नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कई देशों में एयरस्पेस प्रभावित होने के बाद खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षा बड़ा मुद्दा बन गया है। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप, कूटनीतिक पहल और जरूरत पड़ने पर बचाव अभियान चलाने की मांग की है। उड़ानों के रद्द होने और हवाई मार्ग बाधित होने से दुबई, बहरीन, ईरान और अन्य देशों में भारतीयों के फंसे होने के बीच राज्यों ने अपने स्तर पर आपात तंत्र सक्रिय कर दिया है। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि यूएई में करीब 100 और बहरीन में कन्नड के 9 लोग फंसे हुए हैं। राज्य आपात संचालन केंद्र 24 घंटे सक्रिय कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार को पत्र लिखकर लोगों की सुरक्षा, सहायता और जरुरत पड़ने पर उनकी वापसी का अनुरोध किया गया है। साथ ही एयरलाइंस से टिकट री-शेड्यूलिंग में लचीलापन बरतने और पर्याप्त वापसी उड़ानों की व्यवस्था करने की मांग की गई है। केरल के सीएम पिनराई विजयन ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर केरल के प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित निकासी की अग्रिम तैयारी रखने का आग्रह किया है। राज्य सरकार ने परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन और समन्वय तंत्र सक्रिय करने की बात कही है। जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने ईरान में मौजूद छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने इस मुद्दे पर भरोसा दिया है। इन मांगों के बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है और फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सबंधित भारतीय दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार चर्चा हो रही है। जहां भी भारतीय संकट में है, उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चिंतित परिवारों से घबराने की बजाय आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा रखने की अपील की है। केंद्र सरकार ने दोहराया है कि सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरुरत पड़ने पर सुरक्षित वापसी के लिए गंभीर प्रयास जारी हैं। सिराज/ईएमएस 03मार्च26