- बिहार में पिता की राजनीतिक विरासत संभाल सकते हैं निशांत कुमार पटना, (ईएमएस)। राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार में राजनीतिक समीकरण ने रफ्तार पकड़ ली है। भाजपा ने राज्यसभा के लिए सूची घोषित कर दी है। इस बीच दावा किया जा रहा है कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। अंदरखाने यही खबर है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बन सकता है और इस प्रकार भाजपा सत्ता पर पूरी तरह से नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगी। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की संभावना पर राजनीतिक गलियारों में ज़ोरों पर चर्चा हो रही है। इस बड़े उलटफेर को लेकर पार्टी के अंदर चर्चा चल रही है। अगर नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में आकर राज्यसभा का सदय बनने का फ़ैसला करते हैं, तो बिहार में मुख्यमंत्री का पद खाली हो जाएगा। ऐसे में, गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भारतीय जनता पार्टी अपना मुख्यमंत्री चुन सकती है। राज्य में सत्ता के इस संभावित ट्रांसफर ने राजनीतिक समीकरण को एक नया मोड़ दे दिया है। 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनाव के दौरान इस बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव के संकेत हैं। सूत्रों की मानें तो जदयू और बीजेपी आलाकमान इस उत्तराधिकार योजना और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श कर रही है। * मुख्यमंत्री पद पर दावा स्वाभाविक नीतीश कुमार की राज्यसभा उम्मीदवारी की खबरों के बीच, यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि बिहार का मुखिया कौन होगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार केंद्र में बड़ी भूमिका निभाते हैं, तो बीजेपी बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए मजबूत दावा करेगी। संख्या के लिहाज से गठबंधन में बीजेपी अभी सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए यह भी कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद पर उसका दावा स्वाभाविक है। * बिहार में पिता की राजनीतिक विरासत संभाल सकते हैं निशांत कुमार राजनीतिक हलकों में यह कयास भी लगाया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका के लिए नीतीश कुमार दिल्ली की ओर रुख करें और बिहार में निशांत के नेतृत्व की नई पारी शुरू हो। निशांत कुमार को बिहार में अपने पिता नितीश कुमार की राजनीतिक विरासत संभालेंगे और उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। मालूम हो कि जदयू को अपने कोटे से राज्यसभा की दो सीटों के लिए प्रत्याशी उतारना है। इसके लिए रामनाथ ठाकुर के साथ नीतीश कुमार के नामों की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। संतोष झा- ०५ मार्च/२०२६/ईएमएस