राष्ट्रीय
05-Mar-2026
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नई दिल्ली(ईएमएस)। हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर, जिसे सही कारणों से साइलेंट किलर कहा जाता है। यह बीमारी बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाती रहती है और कई बार तब पता चलता है जब शरीर का कोई महत्वपूर्ण अंग पहले से गंभीर रूप से प्रभावित हो चुका होता है। हाइपरटेंशन किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई छोटे-बड़े कारकों के कारण विकसित होता है। बढ़ता हुआ वजन इसका सबसे प्रमुख कारण माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने पर दिल पर दबाव बढ़ जाता है, क्योंकि उसे पूरे शरीर में खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसके साथ ही खाने में नमक का अधिक इस्तेमाल भी जोखिम को काफी बढ़ा देता है। आज की जीवनशैली में प्रोसेस्ड फूड, पैकेटेड स्नैक्स और बाहर का तैयार भोजन सामान्य हो गया है, जिनमें नमक की मात्रा आवश्यकता से कई गुना अधिक होती है। ज्यादा सोडियम शरीर में पानी रोककर ब्लड वॉल्यूम बढ़ाता है और इसी के साथ बढ़ता है रक्तचाप। धूम्रपान और शराब का सेवन हाइपरटेंशन का दूसरा बड़ा कारण हैं। सिगरेट में मौजूद निकोटीन रक्त वाहिनियों को सिकोड़ता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और दबाव बढ़ जाता है। वहीं अत्यधिक शराब का सेवन दिल की धड़कन को असंतुलित कर रक्तचाप को अस्थिर कर देता है। इसके अलावा परिवारिक इतिहास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि परिवार में किसी को हाई ब्लड प्रेशर रहा है, तो आनुवंशिक कारणों से इसका खतरा अगली पीढ़ी में भी बढ़ सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि सही जीवनशैली अपनाकर हाइपरटेंशन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। रोजाना कम से कम आधा घंटा तेज चलना, योग, साइकलिंग या किसी भी हल्के व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने से दिल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्तचाप नियंत्रित रहता है। भोजन में ताजे फल, सलाद, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और कम नमक वाले आहार को प्राथमिकता देना लाभकारी है। नमकीन, प्रोसेस्ड और तला हुआ भोजन कम करने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही तनाव को नियंत्रण में रखना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि तनाव हार्मोन शरीर में रक्तचाप बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच, संतुलित खानपान, व्यायाम और स्वस्थ आदतों के माध्यम से इस साइलेंट किलर से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। सुदामा/ईएमएस 05 मार्च 2026