अंतर्राष्ट्रीय
05-Mar-2026
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वॉशिंगटन,(ईएमएस)। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहा भीषण संघर्ष अब अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुका है। इस युद्ध की तपिश अब कूटनीतिक गलियारों से होते हुए बयानों और दावों के युद्ध तक पहुँच गई है। हाल ही में अमेरिका के एक पूर्व कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने एक इंटरव्यू में चौंकाने वाला दावा किया कि मध्य पूर्व में स्थित अमेरिका के सभी सैन्य ठिकाने ईरानी हमलों में तबाह हो चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि अब ईरान पर नए सिरे से हमले करने के लिए अमेरिका को भारतीय बंदरगाहों और सैन्य अड्डों की मदद लेनी पड़ रही है। हालांकि, भारत सरकार ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि ये खबरें पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। मंत्रालय ने ऐसी भ्रामक टिप्पणियों के खिलाफ चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि भारत की नीति अपनी धरती पर किसी भी विदेशी सैन्य अड्डे की अनुमति न देने की रही है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है। इस बीच, युद्ध के मोर्चे पर स्थिति और अधिक हिंसक हो गई है। मंगलवार रात हिंद महासागर में एक बड़ी घटना घटी, जहाँ एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस को टॉरपीडो से उड़ा दिया। इस भीषण हमले में 87 ईरानी नाविकों की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने बृहस्पतिवार तड़के इजरायल पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं और क्षेत्र के आर्थिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी दी। इजरायली सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। शनिवार को शुरू हुए इस युद्ध में अमेरिका और इजरायल का मुख्य लक्ष्य ईरान का नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम है। हमलों की तीव्रता इतनी अधिक है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद आयोजित होने वाले शोक समारोह को भी स्थगित करना पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना के प्रदर्शन की सराहना की है, वहीं अमेरिकी सीनेट में युद्ध रोकने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। अब तक इस युद्ध में ईरान में 1,000 से अधिक, लेबनान में 70 और इजरायल में 12 लोगों की जान जा चुकी है। इस संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति को बाधित कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय नौवहन और हवाई यातायात पर बुरा असर पड़ा है। वीरेंद्र/ईएमएस/05मार्च2026