राष्ट्रीय
06-Mar-2026
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मुंबई,(ईएमएस)। महाराष्ट्र से शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी का राज्यसभा का टिकट कट गया है, उनके स्थान पर शरद पवार को उद्धव सेना, कांग्रेस और एनसीपी‑एसपी के तिकड़ी के समर्थन से उतारा गया है। इस फैसले को लेकर शिवसेना यूबीटी के भीतर मतभेद की चर्चा जोरों पर थी, जिसमें खासकर आदित्य ठाकरे और संजय राउत का रुख अलग‑अलग बताया जा रहा था। कुछ मीडिया रिपोर्टों बताया गया हैं कि आदित्य चाहते थे कि प्रियंका चतुर्वेदी को फिर से मौका मिले, लेकिन अंत में संजय राउत की ही मंशा चली और शरद पवार को राज्यसभा भेजा गया। इन बातों को लेकर यह चर्चा भी उठी कि राउत ने आदित्य के इरादों पर भारी पड़ते हुए शरद पवार को कमिटमेंट दे दी, जिस वजह से प्रियंका का नाम पीछे रह गया। अब संजय राउत ने खुद इन कयासों को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि असल वजह पार्टी के राजनीतिक समीकरण थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्धव सेना के भीतर यह इच्छा ज़रूर थी कि प्रियंका चतुर्वेदी को दूसरा मौका मिले, लेकिन जरुरी वोटिंग नंबर नहीं थे और साथ ही पवार जैसे अनुभवी नेता ने स्वयं दावा कर दिया। इसलिए पार्टी को पवार का नाम समर्थन करना पड़ा। राउत ने कहा कि यदि समीकरण अनुकूल होते और पवार जैसे सीनियर नेता राज्यसभा जाने को ना चाहते, तब प्रियंका को 100 प्रतिशत मौका मिलता। राउत का कहना है कि उद्धव सेना के अंदर प्रियंका को फिर से भेजने की इच्छा काफी प्रबल थी, लेकिन पार्टी के पास खुद के दम पर संख्या नहीं थी। जब शरद पवार ने दावेदारी पेश की, तब प्रियंका के लिए मुकाबला करना मुश्किल हो गया। राज्यसभा की इस दौड़ में महाराष्ट्र में कुल 7 सीटें खाली हो रही हैं, जिसमें से 6 पर एनडीए उम्मीदवारों का मजबूत संभावित जीत है। विपक्ष की एकमात्र संभावित जीत की सीट पर शरद पवार को उतारा है। वहीं भाजपा ने रामदास आठवले और विनोद तावड़े जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी राज्यसभा का मौका दिया है। संजय राउत ने कहा कि आठवले का टिकट पहले से तय‑सा लगता था, और विनोद तावड़े को राज्यसभा भेजना भी संगठन में उनके लंबे सेवा और योगदान का प्रतिफल माना जा रहा है। आशीष दुबे / 06 मार्च 2026