-पीएम मार्क कार्नी के कार्यालय ने इन नई योजनाओं की जानकारी दी टोरंटो,(ईएमएस)। भारत और कनाडा के बीच नई टैलेंट स्ट्रैटेजी के तहत स्टडी और रिसर्च के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बन गई है। इस पहल से भारतीय छात्रों को स्कॉलरशिप, रिसर्च के अवसर और दोनों देशों के विश्वविद्यालयों के बीच पढ़ाई-लिखाई के नए विकल्प मिलेंगे। 2 मार्च 2026 को कनाडा के पीएम मार्क कार्नी के कार्यालय की ओर से जारी बयान में इन नई योजनाओं की जानकारी दी गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कनाडा के प्रमुख संस्थान ने भारतीय छात्रों के लिए 25 मिलियन डॉलर तक की फंडिंग देने की घोषणा की है। इसके तहत 220 से ज्यादा भारतीय छात्रों को स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय भारतीय छात्रों के लिए 300 फंडेड रिसर्च पद भी उपलब्ध कराएगा, ताकि वे कनाडा में रिसर्च कर सकें और अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल कर सकें। नई पहल के तहत भारत में तीन हाइब्रिड अध्ययन केंद्र भी शुरू किए जाएंगे। इन केंद्रों के जरिए छात्र भारत में रहकर भी कनाडाई विश्वविद्यालयों के साथ जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकेंगे। नई रणनीति के तहत भारत और कनाडा के विश्वविद्यालयों के बीच 13 नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों के तहत छात्रों और शिक्षकों का आदान-प्रदान होगा, संयुक्त शोध परियोजनाएं शुरू होंगी और कुछ मामलों में संयुक्त या ड्यूल डिग्री प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे। दोनों देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत संगीत, प्रदर्शन कला, दृश्य कला, किताबों और मनोरंजन तकनीक जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। इससे कलाकारों और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने के अवसर मिल सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये सभी समझौते फरवरी 2026 में उस समय हुए जब 20 से ज्यादा कनाडाई विश्वविद्यालयों के प्रमुखों का प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर गया था। इसे कनाडा का अब तक का सबसे बड़ा शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल माना जा रहा है। भारत पहले से ही कनाडा में पढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों का एक बड़ा स्रोत है। वहीं कनाडा में करीब 18 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नई पहल से दोनों देशों के बीच शिक्षा और शोध के संबंध और मजबूत होंगे। सिराज/ईएमएस 07 मार्च 2026