इन्दौर (ईएमएस) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शुभ्रा सिंह की कोर्ट में गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी के वकीलों के पेश नहीं होने के चलते उस पर आरोप तय नहीं किए जा सकें जिसके बाद कोर्ट ने अगली तारीख 12 मार्च नियत कर दी। मामले में किशोर वाधवानी के साथ उसका भतीजा नीतेश वाधवानी भी आरोपी हैं। कल सुनवाई दौरान आरोपी नीतेश वाधवानी कोर्ट में पेश हुआ और उसने कोर्ट को बताया कि वे आरोपों पर बहस करना चाहते हैं, लेकिन वकील शहर में नहीं है। जिसके बाद कोर्ट ने अगली तारीख तय की। बता दें कि करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने और मीडिया के नाम पर काली कमाई को सफेद करने के मामले में गुटखा व्यापारी किशोर वाधवानी और उसका भतीजा नीतेश वाधवानी आरोपी है। इन पर आरोप तय करने के लिए कल सुनवाई होनी थी इसके पहले वाधवानी की ओर से एडीजे शुभ्रा सिंह की कोर्ट से केस ट्रांसफर कराने के लिए मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश को आवेदन लगाते कहा गया था कि उनका जज के पिता और हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस स्व. शंभू सिंह से घनिष्ठ संबंध था। ऐसे में निष्पक्ष सुनवाई तथा भविष्य में किसी विवाद से बचने के लिए प्रकरण का स्थानांतरण आवश्यक है। इस पर जज शुभ्रा सिंह की ओर से भेजी गई अपनी टिप्पणियों में उन्होंने मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश को बताया था कि उनके पिता का अभियुक्तों से कभी कोई संबंध नहीं रहा है। न तो उन्होंने अपने पिता से अभियुक्तों के संबंध में कोई चर्चा सुनी और न ही अभियुक्तों को उनके पिता के निवास पर आते-जाते देखा। वे वर्ष 2009 से मार्च 2012 तक विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई, इंदौर के पद पर थीं और उस दौरान भी उन्होंने अभियुक्तों के प्रकरणों की सुनवाई की थी। वर्तमान में उन्होंने 17 सितंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक केस चलाया है। चूंकि वे आरोपों पर बहस का लगातार आग्रह कर रही थीं और लंबी तारीख नहीं दे रही थीं, इसलिए स्थानांतरण आवेदन प्रस्तुत किया गया है। इसके बाद मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने केस ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद वाधवानी पर आरोप तय करने के लिए कल बहस होनी थी, लेकिन वह फिर बढ़ गई। वाधवानी की ओर से लंबी तारीख लेने की कोशिश की गई, लेकिन कोर्ट ने 5 दिन का ही समय दिया है। अपर लोक अभियोजक योगेश जायसवाल के अनुसार वाधवानी के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि वाधवानी और उसके भतीजे पर आरोप तय करने के पहले सीनियर एडवोकेट बहस करना चाहते हैं। वे शहर में नहीं हैं, इसलिए तारीख आगे बढ़ा दी जाए। जिसके बाद कोर्ट ने अगली तारीख 12 मार्च तय की।